सोनभद्र में अनुप्रिया पटेल ने एनडीए की जीत के लिए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने की बात कही. अलीगढ़ में आजाद समाज पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 12 जिलों में युवा संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनाव की तैयारी की रणनीति बनाई.

सोनभद्र/अलीगढ़. उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने संगठन मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है. रविवार को सोनभद्र में अपना दल के कार्यकर्ता सम्मेलन में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने एनडीए की जीत के लिए संगठन को एकजुट होकर काम करने की बात कही, जबकि अलीगढ़ में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में युवा संगठन के विस्तार की रणनीति तैयार की.

एनडीए की जीत लक्ष्य

सोनभद्र में अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अपना दल एनडीए गठबंधन के प्रत्याशियों की जीत के लिए पूरी ताकत से काम करेगा. उनके मुताबिक, एनडीए में शामिल पांचों दलों में जिस दल का प्रत्याशी संबंधित सीट पर होगा, संगठन उसकी जीत सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करेगा.

उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं के साथ अपना दल की उपलब्धियों को भी जनता के बीच रखा जाएगा. चुनाव के दौरान सरकारों के विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर पार्टी के संघर्ष का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने की बात उन्होंने कही.

अनुप्रिया पटेल ने जातिगत जनगणना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के स्तर पर निर्णय होने से पहले अपना दल लगातार जातिगत जनगणना की मांग करता रहा और बाद में केंद्र ने देश में जातिगत जनगणना कराने का निर्णय लिया.

पीडीए पर निशाना

पीडीए के मुद्दे पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि केवल नारा लगाने से सामाजिक न्याय सुनिश्चित नहीं होता, बल्कि इसके लिए काम करना जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में ओबीसी आरक्षण लागू कराने की मांग को भी अपना दल ने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने इस दिशा में निर्णय लिया.

उन्होंने साफ किया कि विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा अपना दल का नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी का होगा. उनके मुताबिक, एनडीए अब तक एक टीम की तरह चुनाव लड़ता रहा है और चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करना गठबंधन की परंपरा नहीं रही है.

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कोई निर्णय या औपचारिक चर्चा नहीं हुई है. समय आने पर एनडीए के सभी दल साथ बैठकर सीटों के समीकरण पर विचार करेंगे, जबकि फिलहाल पार्टी का ध्यान जिले से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर है.

युवा संगठन पर जोर

अलीगढ़ में आजाद समाज पार्टी ने आगरा, अलीगढ़ और बरेली मंडल के 12 जिलों में युवाओं को संगठन से जोड़ने और बूथ स्तर पर युवा संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाई. पार्टी नेताओं ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा रहा है.

प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़ ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में संगठन को मजबूत करना है. उन्होंने बताया कि 2024 में पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को संसद पहुंचाने का संकल्प लिया था और नगीना लोकसभा सीट पर अपने दम पर चुनाव लड़कर इसे हासिल किया.

उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रदेश के 18 मंडलों में प्रबुद्ध सम्मेलन, मुजफ्फरनगर में रैली और लगातार नौ रैलियां आयोजित की गईं. पूर्वांचल के मऊ, प्रतापगढ़ और जौनपुर समेत कई जिलों में भी संगठनात्मक कार्यक्रम किए गए.

45 प्रत्याशियों की सूची

सुनील कुमार चित्तौड़ के अनुसार, विधानसभा चुनाव के लिए आजाद समाज पार्टी ने 45 संभावित प्रत्याशियों की सूची जारी की है. सीतापुर, अयोध्या और बस्ती में कार्यकर्ता सम्मेलन प्रस्तावित हैं, जबकि इसके बाद शामली, संभल, चंदौसी और बरेली में सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे.

अलीगढ़ में कोल और बरौली विधानसभा सीटों के लिए भी पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है. पार्टी ने अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी की बात कही है.

एआईएमआईएम पर फैसला

बसपा से आजाद समाज पार्टी में आए सुनील कुमार चित्तौड़ ने मायावती और चंद्रशेखर आजाद की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि चंद्रशेखर लगातार सड़क पर संघर्ष करते हैं. उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के कमजोर वर्ग से जुड़ी घटनाओं में चंद्रशेखर मौके पर पहुंचकर पीड़ितों से मिलते और प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हैं.

उन्होंने हाथरस प्रकरण समेत कई मामलों का उल्लेख करते हुए मायावती के बारे में कहा कि उनमें अब संघर्ष का जज्बा नहीं है.

एआईएमआईएम के साथ गठबंधन के सवाल पर सुनील कुमार चित्तौड़ ने कहा कि यदि पार्टी की नीतियों को लेकर प्रस्ताव आता है तो वरिष्ठ पदाधिकारी उस पर विचार करेंगे. अंतिम निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी की टीम के निर्देश के अनुसार होगा.

एएमयू में छात्र मोर्चा

सुनील कुमार चित्तौड़ ने बताया कि युवा संगठन के विस्तार के तहत अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी छात्र मोर्चा बनाया जाएगा. जिन क्षेत्रों में युवाओं को संगठन से जोड़ने में कमी रह गई है, वहां विशेष अभियान चलाकर उन्हें पार्टी से जोड़ने की बात कही गई.

इससे पहले बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के साथ कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी से जुड़े लोगों ने अलीगढ़ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया था. पार्टी नेताओं ने घटना को लेकर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की है.