Technology Desk : भारत में स्पैम कॉल्स और अनचाहे मैसेज की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। टेलीकॉम कंपनियां और सरकार इन कॉल्स को रोकने के लिए AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ले रही हैं। अब टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के ताजा आंकड़ों से इस समस्या की बड़ी तस्वीर सामने आई है।

TRAI के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 के बीच देश में 24.4 अरब से ज्यादा कॉल और मैसेज को संभावित स्पैम के तौर पर पहचाना गया। इनमें करीब 22.99 अरब इनकमिंग कॉल और 1.44 अरब SMS शामिल हैं। यानी इस अवधि में हर दिन औसतन करीब 26.6 करोड़ कम्युनिकेशन को संभावित स्पैम माना गया।

कुल कॉल्स में 3.2 फीसदी संदिग्ध

TRAI के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जून के दौरान आने वाली कुल कॉल्स में करीब 3.2 फीसदी कॉल्स को संभावित स्पैम के रूप में पहचाना गया। टेलीकॉम कंपनियां AI आधारित सिस्टम की मदद से कॉल करने वालों के पैटर्न और मैसेजिंग गतिविधियों का विश्लेषण करती हैं। अगर किसी नंबर या संस्था की गतिविधि संदिग्ध नजर आती है तो उसे संभावित स्पैमर के तौर पर फ्लैग किया जाता है। इस तरह AI सिस्टम बड़ी संख्या में कॉल और मैसेज का एक साथ विश्लेषण करके संदिग्ध गतिविधियों को पहचानने में मदद कर रहे हैं।

22.99 अरब से ज्यादा संदिग्ध कॉल की पहचान

TRAI और टेलीकॉम कंपनियों की ओर से इस्तेमाल किए जा रहे AI आधारित स्पैम डिटेक्शन सिस्टम ने करीब 22.99 अरब संदिग्ध कॉल्स की पहचान की। इन कॉल्स में बड़ी संख्या ऐसी हो सकती है, जिनका इस्तेमाल लोगों को परेशान करने, गलत जानकारी देने या धोखाधड़ी के लिए किया जाता है। इसके अलावा करीब 1.44 अरब संदिग्ध SMS भी सिस्टम की निगरानी में आए। स्पैम कॉल्स और मैसेज में फर्जी KYC अपडेट, बैंकिंग से जुड़ी जानकारी, लोन ऑफर, इनाम और UPI से जुड़े झूठे दावे जैसे तरीके अपनाए जाते हैं।

स्पैम करने वालों पर कार्रवाई

सरकार और TRAI ने स्पैम कम्युनिकेशन को रोकने के लिए कई स्तर पर कार्रवाई की है। नियमों का उल्लंघन करने के मामले में 1.83 लाख से ज्यादा टेलीकॉम रिसोर्सेज के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

इनमें करीब 1.37 लाख नंबरों को पहली बार नियम तोड़ने पर 15 दिनों के लिए बंद किया गया। वहीं, बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले 46,786 कनेक्शनों को एक साल के लिए डिस्कनेक्ट किया गया। इस कार्रवाई का मकसद ऐसे नंबरों और कनेक्शनों को नेटवर्क से हटाना है, जिनका इस्तेमाल बार-बार स्पैम या संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

263 थोक SMS भेजने वाले ब्लैकलिस्ट

स्पैम और धोखाधड़ी वाले मैसेज भेजने वाले संस्थानों पर भी कार्रवाई की गई है। TRAI के मुताबिक 263 थोक प्रेषकों (Bulk Senders) को ब्लैकलिस्ट किया गया है।

इसके अलावा 2,873 SMS हेडर्स को भी ब्लॉक किया गया। SMS हेडर का इस्तेमाल कंपनियां और संस्थाएं बड़ी संख्या में मैसेज भेजने के लिए करती हैं। नियमों के उल्लंघन या संदिग्ध गतिविधियों के सामने आने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

बड़ी टेलीकॉम कंपनियों पर भी जुर्माना

स्पैम को रोकने की जिम्मेदारी सिर्फ स्पैमर पर ही नहीं है। टेलीकॉम कंपनियों को भी अपने नेटवर्क पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी होती है। TRAI ने नियमों के पालन में कमी पाए जाने पर प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। इनमें Reliance Jio, Airtel और Vodafone Idea जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों पर स्पैमर्स को रोकने में लापरवाही से जुड़े मामलों में आर्थिक जुर्माने की कार्रवाई की गई है।

साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल हो रहे स्पैम कॉल

स्पैम कॉल सिर्फ परेशान करने तक सीमित नहीं हैं। इनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए भी किया जा रहा है।

ठग अक्सर खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, टेलीकॉम कंपनी का प्रतिनिधि या किसी बड़ी कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते हैं। इसके बाद KYC अपडेट, बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड, लोन या UPI से जुड़ी जानकारी के नाम पर लोगों से संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है। कई मामलों में लोगों को किसी लिंक पर क्लिक करने या कोई ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहा जाता है। इसके बाद ठगी की कोशिश की जाती है।

AI से स्पैम पहचानने की कोशिश

इतनी बड़ी संख्या में कॉल और SMS की मैनुअल जांच करना संभव नहीं है। इसलिए टेलीकॉम कंपनियां AI और डेटा एनालिसिस की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर रही हैं।

AI सिस्टम यह देखने की कोशिश करता है कि किसी नंबर से कितनी कॉल की जा रही हैं, कॉलिंग का पैटर्न कैसा है और मैसेजिंग गतिविधि सामान्य है या नहीं। अगर किसी नंबर या संस्था की गतिविधि तय मानकों से अलग दिखाई देती है तो उसे संभावित स्पैम के तौर पर फ्लैग किया जा सकता है। इससे संदिग्ध नंबरों और संसाधनों पर समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलती है।

आम लोगों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

स्पैम कॉल्स की बड़ी संख्या इसलिए भी चिंता बढ़ाती है क्योंकि हर कॉल सिर्फ विज्ञापन नहीं होती। कुछ कॉल्स और मैसेज का इस्तेमाल लोगों को डराने, लालच देने या भरोसा जीतकर उनसे पैसे ऐंठने के लिए किया जा सकता है। फर्जी KYC, बैंक अकाउंट बंद होने, बिजली बिल, लोन, नौकरी, इनाम और UPI ट्रांजैक्शन जैसे बहाने बनाकर लोगों को निशाना बनाया जाता है।

ऐसे में किसी अनजान नंबर से आए कॉल या मैसेज पर बिना जांच किए बैंकिंग जानकारी, OTP, UPI PIN या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करना जोखिम भरा हो सकता है।