होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने सख्त रुख अपनाया हुआ है. उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि यह जलमार्ग ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है. वहीं, समुद्र के रास्तों पर आवाजाही को लेकर दुनिया के देशों का मत अब एक हो गया है. यूरोपीय संघ की पहल पर 60 देशों ने अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्यों से गुजरने वाले जहाजों पर गैरकानूनी टोल और पाबंदियों का विरोध किया है.

होर्मुज पर टोल लगाने के खिलाफ एकजुट हुए 60 देश, समुद्री रास्तों पर पाबंदियों को लेकर दिया कड़ा संदेश समुद्र के रास्तों पर आवाजाही को लेकर दुनिया के देशों का मत अब एक हो गया है.

होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के बीच अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य का उपयोग करने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने के विरोध में यूरोपीय संघ के एक घोषणापत्र का 60 से अधिक देशों ने समर्थन किया है. इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले जहाजों पर टोल और शुल्क लगाने का विरोध करने के लिए एकजुट होकर ईरान के उन प्रयासों के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश दिया है, जिसमें वह दुनिया के कुछ सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों का उपयोग करने वाले जहाजों से शुल्क वसूलना चाहता है.

12 अक्टूबर को सामने आई इस घोषणा में यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, जापान और ब्रिटेन समेत कई देशों ने समर्थन दिया है. घोषणा में साफ कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों से कानूनी रूप से गुजरने वाले जहाजों पर ऐसे शुल्क नहीं लगाए जाने चाहिए, जो उनकी आवाजाही में बाधा डालें.

ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से नेविगेशन, सुरक्षा और अन्य सेवाओं के नाम पर शुल्क लेने की योजना आगे बढ़ाई थी. इस प्रस्ताव ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ाई है.

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि देशों को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों को राजस्व या राजनीतिक लाभ के स्रोत में बदलने के प्रयासों का विरोध करना चाहिए.

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