सुशील खरे, रतलाम/सैलाना। रतलाम जिले के सैलाना नगर परिषद द्वारा आयोजित एक शासकीय कार्यक्रम में भाजपा नेताओं की हनक और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वाराणसी-वडनगर सेवा यात्रा के अंतर्गत ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नगर के ओशिन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सरकारी बैनरों के साथ-साथ ‘भाजपा सैलाना मंडल’ के भी बड़े-बड़े बैनर लगा दिए गए। इसके अलावा मंच पर पार्टी पदाधिकारियों के कब्जे और प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है।

शासकीय मंच पर भाजपा नेताओं का दबदबा 

मिली जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बीच पूरे मंच पर भाजपा नेताओं का दबदबा देखने को मिला। आरोप है कि कार्यक्रम में तय शासकीय प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। नगर परिषद के स्थानीय भाजपा पार्षदों और स्वयं नेता प्रतिपक्ष तक को मंच पर जगह नहीं दी गई, जबकि जिले के अन्य भाजपा नेताओं को मंच पर प्रमुखता से बैठाया गया।

अफसरों की मौजूदगी में उठा विवाद 

कार्यक्रम के दौरान एसडीएम सुनील जायसवाल और नगर परिषद सीएमओ (CMO) खुद मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद शासकीय आयोजन में राजनीतिक पार्टी के बैनर लगने और नेताओं के कब्जे पर अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जनता के टैक्स के पैसों से होने वाले सरकारी कार्यक्रमों में किसी एक राजनीतिक दल का वर्चस्व पूरी तरह नियम विरुद्ध है।

कांग्रेस का हमला 

मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सुशील मांडोत ने प्रशासनिक अधिकारियों पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि शासकीय आयोजन को पूरी तरह से भाजपा का निजी मंच बना दिया गया। उन्होंने कहा कि आम जनता की गाढ़ी कमाई के पैसों का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ से मांग की है कि इस विवादित और नियम विरुद्ध आयोजित कार्यक्रम के किसी भी बिल या भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

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