हांसी। सिसाय पुल पर 15 अगस्त को हुए प्रदर्शन को लेकर हांसी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जीवन हत्याकांड न्याय समिति ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) को शिकायत भेजकर CIA इंचार्ज कप्तान सिंह, पुलिस अधीक्षक हांसी विनोद कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में प्रदर्शनकारियों पर पथराव, लाठीचार्ज, महिलाओं से कथित बदसलूकी और बुजुर्गों को चोट पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत के मुताबिक, जीवन हत्याकांड के मुख्य आरोपी रमेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर समिति की ओर से सिसाय पुल पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी दौरान CIA इंचार्ज कप्तान सिंह पर प्रदर्शनकारियों की ओर AK-47 राइफल तानकर गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। समिति का कहना है कि इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भय और आतंक का माहौल पैदा हो गया और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ।

शिकायत में आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों पर पथराव किया। महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर बदतमीजी करने और लाठीचार्ज करने का भी आरोप लगाया गया है। समिति ने दावा किया कि शांतिपूर्ण तरीके से बैठे बुजुर्गों को भी चोटें मारी गईं।

सिविल ड्रेस में हथियारबंद लोगों पर भी आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सिविल ड्रेस में मौजूद कुछ हथियारबंद लोग भी लाठीचार्ज और पथराव में शामिल थे। समिति के अनुसार, इस कार्रवाई में सैकड़ों लोगों को गंभीर चोटें आईं। शिकायतकर्ता ने कहा है कि घटनाक्रम से संबंधित फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद हैं।

समिति ने यह भी दावा किया कि पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने मीडिया के सामने घटनाओं को स्वीकार किया है। शिकायत में कहा गया है कि जीवन हत्याकांड न्याय समिति के कई सदस्य मौके पर मौजूद थे और वे पूरे घटनाक्रम के प्रत्यक्षदर्शी हैं।

DGP से निलंबन और केस दर्ज करने की मांग

जीवन हत्याकांड न्याय समिति ने DGP से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही आरोपित पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई है।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।