अफगानिस्तान में रविवार सुबह पाकिस्‍तानी सेना के हवाई हमलों की भारत ने कड़ी आलोचना की और इसे गैर ज‍िम्‍मेदाराना हरकत बताया। व‍िदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में भारत के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में अफगान इलाके पर पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक की भारत कड़ी निंदा करता है। भारत ने रविवार को अफ़गानिस्तान के अंदर पाकिस्तान के हालिया एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा की है. भारत ने इसे इस्लामाबाद की घरेलू कमियों से ध्यान हटाने की कोशिश बताया और काबुल की सॉवरेनिटी और टेरिटोरियल इंटीग्रिटी के लिए अपना सपोर्ट दोहराया है. मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए, विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत उन स्ट्राइक की निंदा करता है, जिनमें रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित आम लोगों के मारे जाने की खबर है.

भारत ने अफ़गानिस्तान में पाकिस्तान के बॉर्डर पार एयरस्ट्राइक की निंदा की और आम लोगों के मारे जाने का ज़िक्र किया है. इस बीच, काबुल ने सोच-समझकर जवाब देने की चेतावनी दी है.

पाकिस्तान ने पहले कहा था कि उसने अफ़गानिस्तान के अंदर करीब सात कथित आतंकवादी ठिकानों पर इंटेलिजेंस के आधार पर हमले किए हैं. इस कार्रवाई को पाकिस्तान के अंदर हाल के आतंकवादी हमलों का बदला बताया गया. इस्लामाबाद के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने दावा किया कि उसके पास कई हमलों (इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू) को अफ़गानिस्तान-स्थित हैंडलर्स से जोड़ने वाले ‘पक्के सबूत’ हैं.

इस्लामाबाद के अधिकारियों ने कहा कि बन्नू में हुए सबसे हालिया हमले में शनिवार को एक आत्मघाती धमाके में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक सैनिक की मौत हो गई.

मंत्रालय ने कहा, “इन हमलों की ज़िम्मेदारी अफ़गानिस्तान-स्थित पाकिस्तानी तालिबान, जो फितना-अल-ख्वारिज (FAK) और उनके सहयोगी संगठनों से जुड़े हैं, और इस्लामिक स्टेट ऑफ़ खोरासान प्रांत (ISKP) ने भी ली है.” मंत्रालय ने कहा कि देश की सीमाओं और नागरिकों की रक्षा करना एक ‘पवित्र धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य’ है और अफ़गानिस्तान लगातार सीमा पार उल्लंघन के सामने चुप नहीं रहेगा.

पाकिस्तान ने कहा कि उसने बार-बार अफ़गान तालिबान एडमिनिस्ट्रेशन से कहा है कि वह मिलिटेंट ग्रुप्स को अफ़गान इलाके का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ़ करने से रोके, लेकिन आरोप लगाया कि काबुल ‘सख्त एक्शन’ लेने में नाकाम रहा. इस बैकग्राउंड में, पाकिस्तान ने बदले की कार्रवाई करते हुए, इंटेलिजेंस के आधार पर पाकिस्तान-अफ़गान बॉर्डर के बॉर्डर इलाके में FAK और उसके साथियों और ISKP के पाकिस्तानी तालिबान के सात टेररिस्ट कैंप और ठिकानों को एकदम सही और सटीक तरीके से टारगेट किया है.

काबुल ने ताजा हमलों को पाकिस्तानी इंटेलिजेंस की नाकामियों का सबूत बताते हुए आरोप लगाया कि हमलों में आम लोगों और धार्मिक जगहों को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान और अफ़गान तालिबान अधिकारियों के बीच रिश्ते इस्लामाबाद के इस आरोप के कारण लगातार खराब होते गए हैं कि काबुल अफ़गान ज़मीन से काम कर रहे पाकिस्तान विरोधी आतंकवादी ग्रुप्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है.

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