Iron Beam: ईरान के साथ युद्ध में इजराइल ने पहली बार अपना सबसे खतरनाक ‘ब्रह्मास्त्र’ को दुनिया को दिखाया है। इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपने सबसे खतरनाक एयर डिफेंस सिस्टम ‘आयरन बीम’ को एक्टिवेट कर दिया है। यह इतना खतरनाक है कि बिजली की तरह निकली लेजर लाइट किरणें पल झपते ही मिसाइल, ड्रोन और फाइटर जेट को राख में तब्दील कर देता है।
इजराइल ने आयरन बीम का इस्तेमाल हिजबुल्लाह के दागे गए रॉकेट्स के खिलाफ किया। ये इजरायल की मल्टी-लेयर डिफेंस का हिस्सा है, जिसमें आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग और एरो सिस्टम शामिल हैं. आयरन बीम को ‘ओर ईतान’ (Or Eitan) भी कहा जाता है, जो हिब्रू में ‘मजबूत लाइट’ का मतलब है।
इजरायल ने आयरन बीम से रॉकेट को इंटरसेप्ट करने का एक वीडियो भी जारी किया है जो उसकी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बादशाहत को दिखाता है। हिज्बुल्लाह जैसे संगठन अभी तक सस्ते रॉकेट और सस्ती मिसाइलें दागा करते थे और उन्हें इंटरसेप्ट करने में इजरायल को काफी खर्च आता था। इंटरसेप्टर मिसाइलों को बनाने में काफी खर्च आता है। लेकिन अब 2 डॉलर से कम में आयरन बीम रॉकेट और मिसाइल को रोक रहा है। खामेनेई की मौत के बाद लेबनान में मौजूद हिज्बुल्लाह ने गुस्से में इजरायल पर हमला किया है। इसके बाद इजरायली एयरफोर्स ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के कई ठिकानों पर भीषण बमबारी की है।
युद्ध के मैदान में कामयाब हो गया आयरन बीम
इजरायल वॉर रूम की तरफ से जारी किए गए एक वीडियो में आयरन बीम की काबिलियत दिखाई गई है। इसे तेल अवीव का “युद्ध के नए दौर” का डिफेंस सिस्टम बताया गया है। फुटेज में हिज़्बुल्लाह मिसाइलों को रात के आसमान में रोशनी करते हुए दिखाया गया और फिर आयरन बीम उन्हें खत्म कर रहा था। इजरायली वॉर रूम ने बताया है कि युद्ध के मैदान में पहली बार आयरन बीम का इस्तेमाल किया गया है। मॉडर्न आयरन बीम टेक्नोलॉजी के अलावा, इजरायल अपने जाने-माने आयरन डोम डिफेंस सिस्टम पर भी भरोसा करता है जो उसके एयर डिफेंस नेटवर्क का एक अहम पिलर है और देश के मिलिट्री इनोवेशन का प्रतीक है।
आयरन बीम क्या है?
आयरन बीम इजरायल का एक एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम है, जो हाई एनर्जी लेजर वेपन सिस्टम (HELWS) पर आधारित है। इसे राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स ने बनाया है। ये 100 किलोवॉट क्लास का लेजर सिस्टम है, जो रॉकेट्स, मोर्टार, आर्टिलरी शेल्स और ड्रोन्स जैसे छोटी रेंज के खतरे को कुछ किलोमीटर दूर से ही खत्म कर देता है। ये इजरायल की मल्टी-लेयर डिफेंस का हिस्सा है, जिसमें आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग और एरो सिस्टम शामिल हैं। आयरन बीम को ‘ओर ईतान’ (Or Eitan) भी कहा जाता है, जो हिब्रू में ‘मजबूत लाइट’ का मतलब है। इसकी बैटरी में एक एयर डिफेंस रडार, लेजर जनरेटर और कमांड व्हीकल होते हैं। ये स्टैंड-अलोन काम कर सकता है या दूसरे सिस्टम्स के साथ मिलकर भी एक्टिव हो सकता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें गोला-बारूद की मैगजीन अनलिमिटेड है, क्योंकि ये बिजली से चलता है। इसमें कोई मिसाइल की जरूरत नहीं पड़ती है। बस एक लेजर बीम निकलती है और दुश्मन खत्म।
रोरिंग लॉयन में पहली बार हुआ इस्तेमाल
आयरन बीम का आइडिया 2014 में आया, जब इजरायल ने इसे पहली बार अनवील किया था। 10 साल से ज्यादा की रिसर्च के बाद, सितंबर 2025 में इसे ऑपरेशनल डिक्लेयर किया। दिसंबर 2025 में पहला कॉम्बैट-रेडी सिस्टम इजरायल एयर फोर्स को दिया गया। राफेल और एलबिट सिस्टम्स ने मिलकर इसे बनाया और इजरायल ने 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा इन्वेस्ट किए. टेस्टिंग में इसे रॉकेट्स, मोर्टार और ड्रोन्स के खिलाफ सक्सेसफुल पाया गया। दुनिया में ये पहला फुली ऑपरेशनल हाई-पावर लेजर सिस्टम है। अब 2026 की ईरान-इजरायल जंग में आयरन बीम का पहला बड़े स्केल यूज हो रहा है। 2 मार्च को IDF ने कन्फर्म किया कि हिज्बुल्लाह के रॉकेट्स को आयरन बीम ने मिड-एयर में ही नष्ट किया।
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