भारत में इजरायल के राजदूत रियुवेन अजार ने सोमवार (2 मार्च, 2026) को कहा कि इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका मिलकर ईरान के आसमान पर नियंत्रण बनाए हुए हैं और 2,500 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं. उन्होंने आईएएनएस से विशेष बातचीत में यह भी उम्मीद जताई कि ईरान में शासन परिवर्तन हो सकता है. रियुवेन अजार ने कहा कि इजरायल ने अपने देश की ओर आने वाली अधिकांश मिसाइलों को निष्क्रिय कर दिया है. इजरायल, भारत की तरह, क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि चाहता है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजरायल यात्रा का भी उल्लेख किया.
इस समय इजरायल में स्थिति कैसी है?
रियुवेन अजार ने बताया कई फिलहाल स्थिति यह है कि हम इजरायल में हो रहे हमलों का सामना कर रहे हैं और ईरान से आने वाली अधिकांश मिसाइलों और ड्रोन को रोका जा रहा है. साथ ही कल रात से उत्तर में हिज्बुल्लाह की ओर से किए गए हमलों को भी रोका गया. इस समय इजरायल, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर, ईरान के आसमान पर नियंत्रण रखे हुए है और 2,500 से अधिक सैन्य लक्ष्यों को निशाना बना रहा है. दुर्भाग्य से कल बैलिस्टिक मिसाइल के सीधे प्रहार से बेत शेमेंश में नौ नागरिकों की मौत हो गई और लगभग 50 लोग घायल हुए. सकारात्मक पक्ष यह है कि हमने अपने देश की ओर आने वाली अधिकांश मिसाइलों को निष्क्रिय कर दिया है.
ईरान में शासन परिवर्तन हो सकता है?
रियुवेन अजार ने इस मुद्दे पर कहा कि, हमें निश्चित रूप से उम्मीद है. मेरा मानना है कि यह ईरानी जनता पर निर्भर करता है. इसमें कोई संदेह नहीं कि लाखों ईरानियों ने कुछ सप्ताह पहले प्रदर्शनों के दौरान इस शासन को बदलने की इच्छा जताई थी. दुर्भाग्यवश, हमने ईरानी शासन की क्रूरता और निर्दयता देखी, जिसमें हजारों निर्दोष नागरिक मारे गए. अब इन हमलों के जरिए हम न सिर्फ ईरानी शासन की हम पर हमला करने की क्षमता को कम कर रहे हैं, बल्कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कई मुख्यालयों को भी निशाना बना रहे हैं. उम्मीद है, ईरानी लोगों में सड़कों पर वापस जाने और उस बदलाव की मांग करने का भरोसा आएगा, जिसके वे हकदार हैं.
खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान में आपकी अगली चुनौती क्या?
रियुवेन अजार ने बताया कि, चुनौती यह है कि मिलिट्री क्षमताओं को कम करते रहना है ताकि ऐसी स्थिति बने, जिसमें ईरान अब इजरायल और इलाके के दूसरे देशों और अमेरिकी बेस पर हमला करने के काबिल न रहे, ऐसी स्थिति बन जाए जिसमें बाकी लीडरशिप जो अभी भी जिंदा है, समझ जाए कि उन्हें रास्ता बदलना होगा, क्योंकि अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो वे अगली लाइन में होंगे.
प्रधानमंत्री मोदी का किया जिक्र
रियुवेन अजार ने इस मुद्दे पर कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की बहुत सराहना करते हैं, खासकर उनकी हालिया इजरायल यात्रा की, जिसमें उन्होंने भारतीय और इजरायली लोगों के बीच आपसी गर्मजोशी को महसूस किया. हमारे संबंध केवल हितों पर ही नहीं, बल्कि मूल्यों और साझा विरासत पर भी आधारित हैं. यह हमारे संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है. हम महसूस करते हैं कि भारत एक विश्वसनीय साझेदार है और हम, भारत की तरह अपने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि चाहते हैं. हमें विश्वास है कि भविष्य में हम सकारात्मक गतिविधियों में फिर से जुड़ सकेंगे, क्योंकि ईरान के शासन से आने वाले खतरों को निष्क्रिय किया जा रहा है.
क्या ईरान में जमीनी कार्रवाई भी हो सकती है?
रियुवेन अजार ने इस समय इजरायल हवाई कार्रवाई कर रहा है. किसी विशेष खतरे को हटाने के लिए सीमित कार्रवाई की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन बड़े पैमाने पर जमीनी सेना भेजने की कोई योजना मुझे ज्ञात नहीं है.
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