कुंदन कुमार/ पटना। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने सूबे की सियासत में हलचल तेज कर दी है। एनडीए (NDA) गठबंधन इन पांचों सीटों पर क्लीन स्वीप करने के इरादे से पूरी ताकत झोंक चुका है। विपक्षी महागठबंधन को एक भी सीट न मिले, इसके लिए एनडीए ने ‘एड़ी-चोटी का जोर’ लगा दिया है।
पटना में बैठकों का महादौर
राजधानी पटना आज सियासी बैठकों का केंद्र बनी हुई है। एनडीए के घटक दलों की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर में कुल 08 अलग-अलग स्थानों पर रणनीतिक बैठकें चल रही हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक और नेता मंत्री लेसी सिंह, उमेश कुशवाहा और महेश्वर हजारी के आवास पर जुटे हुए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महत्वपूर्ण बैठक राजकीय अतिथिशाला में चल रही है, जहां चुनाव की बारीकियों पर चर्चा की जा रही है।
विजय चौधरी का विपक्ष पर तंज
इन बैठकों के बीच बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने विपक्ष की घबराहट पर चुटकी ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए के पास वोटों की कोई कमी नहीं है और वे सभी पांचों सीटें जीतने जा रहे हैं। चौधरी ने मीडिया से कहा, “हमारे विधायक स्वतंत्र रूप से पटना में घूम रहे हैं, हमने उन्हें किसी होटल में बंद नहीं किया है। जो लोग हार के डर से कांप रहे हैं, उन्होंने अपने विधायकों को होटलों में कैद कर रखा है।”
AIMIM और महागठबंधन का समीकरण
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) के रुख पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए विजय चौधरी ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सुना कि AIMIM के विधायक महागठबंधन को वोट करेंगे। उन्होंने पत्रकारों को नसीहत दी कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। एनडीए का दावा है कि उनकी एकजुटता अटूट है और राज्यसभा चुनाव का परिणाम विपक्ष के लिए बड़ा झटका साबित होगा। फिलहाल, पटना की इन 08 बैठकों से जो रणनीति निकल रही है, उसका सीधा लक्ष्य महागठबंधन के मंसूबों पर पानी फेरना है।
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