कर्ण मिश्रा, अशोक नगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर से एक बेहद संवेदनशील और मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव वाहन उपलब्ध न होने पर परिजनों को किशोरी का शव पैदल ही ले जाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, 15 वर्षीय मन्तोबाई आदिवासी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका खेरोदा चक्क गांव की रहने वाली थी, जिसका शव बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पोस्टमार्टम हाउस लाया गया था। पोस्टमार्टम के बाद परिजन घंटों तक शव वाहन का इंतजार करते रहे, लेकिन जब कोई व्यवस्था नहीं हुई तो मजबूरन उन्होंने किशोरी के शव को कपड़े में लपेटकर पैदल ही ले जाना शुरू कर दिया। इस दौरान मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया, जो अब सामने आया है।
मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर साकेत मालवीय देर रात बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और पूरे मामले का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान लापरवाही सामने आने पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए केयरटेकर को हटा दिया और पोस्टमार्टम इंचार्ज पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल परिसर और पोस्टमार्टम हाउस का निरीक्षण कर भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की सख्त हिदायत दी है।

