कुमार इंदर, जबलपुर। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर लगी अंतरिम रोक को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि मामले में बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई प्रभावी पहल नहीं की गई। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता की ओर से इस प्रकरण को आगे बढ़ाने में रुचि दिखाई नहीं दे रही है। इसके चलते गिरफ्तारी वारंट पर लगी अंतरिम रोक को खत्म कर दिया गया। कोर्ट ने अपने आदेश की प्रति तत्काल ट्रायल कोर्ट को भेजने के निर्देश भी दिए हैं। इससे पहले 12 नवंबर 2025 को भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर अंतरिम रोक लगाई गई थी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2020 का है। आरोप है कि कोलकाता में आयोजित एक राजनीतिक सभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय को “गुंडा” कहा था। इस बयान को लेकर आकाश विजयवर्गीय ने साल 2021 में भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दायर किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान एमपी-एमएलए कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने वारंट को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया था, जहां उन्हें अंतरिम राहत मिली थी। अब हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक समाप्त किए जाने के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है और आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

