सोनू वर्मा , नूंह। जिले के कलवाड़ी गांव में सीवर लाइन बिछाने को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। शनिवार को पंचायत पक्ष और ग्रामीणों के बीच हुआ टकराव अब आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी तक पहुंच गया है। दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं, जिससे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच पक्ष जबरन काम कराने पर आमादा है और उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि वे किसी भी स्थिति में इस कार्य को वर्तमान रूप में पूरा नहीं होने देंगे।

गांव में लंबे समय से जलभराव की समस्या
वहीं, प्रशासन ने पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि सीवर लाइन का कार्य पूरी तरह नियमों के तहत किया जा रहा है। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDO) अरुण कुमार के अनुसार, यह परियोजना पंचायत के अधीन नहीं, बल्कि पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि गांव में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिसके स्थायी समाधान के लिए यह कार्य किया जा रहा है।


आपसी राजनीति के कारण विकास कार्यों में आ रही बाधा
सरपंच पति राजेंद्र उर्फ लाला ने भी सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोग आपसी राजनीति के कारण विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीवर लाइन का काम पारदर्शिता और तय मानकों के अनुसार हो रहा है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि गांव में जल्द ही एक नए तालाब का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे जल निकासी और संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।


कांग्रेस की पूर्व विधायक ग्रामीणों के साथ
दूसरी ओर, ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के दौरान पेयजल लाइनों को नुकसान पहुंचा है, जिससे कई घरों में पानी की समस्या पैदा हो गई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।इसी बीच, धरनारत ग्रामीणों को समर्थन देने के लिए पूर्व विधायक और कांग्रेस जिला अध्यक्ष शहीदा खान भी सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों के साथ अन्याय हो रहा है और वे उनके साथ खड़ी रहेंगी।


गौरतलब है कि शनिवार को विवाद इतना बढ़ गया था कि दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हाथापाई तक पहुंच गई थी। सूचना मिलने पर मुहम्मदपुर अहीर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।