Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव के लिए आज मतदान होगा। राज्यसभा की 11 सीटों के लिए आज वोटिंग होगी। सबकी नजर विशेष रूप से बिहार, हरियाणा और ओडिशा (Bihar, Haryana and Odisha) पर है जहां रोचक मुकाबला होने की उम्मीद है। दरअसल 10 राज्यों से राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव होना था। इसमें से 26 कैंडिडेट पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। अब बिहार की पांच, ओडिशा की चार और हरियाणा की दो सीटों पर आज वोटिंग है। वोटिंग सुबह 9 बजे से शुरू हो गई है। यह शाम 4 बजे तक चलेगी। जबकि शाम 5 बजे वोटों की गिनती की जाएगी।
इन 3 राज्यों में 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। मौजूदा स्थिति में अभी 37 में से 25 सीटें इंडिया गठबंधन के पास, जबकि 12 NDA के पास हैं। चुनाव के बाद तस्वीर बदल सकती है। NDA को 8 सीटों का फायदा हो सकता है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार पहली बार राज्यसभा के सांसद बनेंगे।

जिन सीटों पर वोटिंग हो रही है उनमें बिहार (5 सीटें), ओडिशा (4 सीटें) और हरियाणा (2 सीटें) शामिल हैं। बिहार की 5 सीटों के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (JDU), केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर (JDU), बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, और शिवेश कुमार (BJP) की जीत लगभग तय मानी जा रही है. पांचवी सीट केलिए एनडीए समर्थित उपेंद्र कुशवाहा (RLM) और आरजेडी के अमरेंद्र धारी सिंह के बीच सीधी टक्कर है। ओडिशा में भी 4 सीटों के लिए 5 उम्मीदवार हैं. वहीं हरियाणा में 2 सीटों के लिए 3 उम्मीदवार मैदान में हैं।
बिहार में जोरदार राजनीतिक हलचल
बिहार में सबसे अधिक 5 सीटों पर वोट डाले जाने हैं। वहां पर वोटिंग से पहले कल रविवार को जबरदस्त राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को एकतरफा जीत मिलने की उम्मीद है। वहीं, आरजेडी की कोशिश अपने एकमात्र प्रत्याशी को जीत दिलाने की है। चुनाव से पहले एनडीए खेमे ने अपने विधायकों की कई दौर की बैठकें कीं। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता विजय कुमार चौधरी के आवास पर ऐसी 2 बैठकें बुलाई गईं। एक बैठक में प्रत्याशी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उपस्थित थे। नीतीश बिहार में 2 दशक से भी अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद अब राज्यसभा जा रहे हैं। ऐसे में बिहार में सीएम पद में बदलाव तय है। इसके अलावा एक अन्य बैठक उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी के घर पर हुई, जहां एनडीए विधायकों ने वोट डालने का अभ्यास किया।

NDA के खाते में 4 सीट, एक के लिए संघर्ष
बिहार विधानसभा की 243 सीटें हैं. राज्यसभा की 5 सीटों पर 6 प्रत्याशी मैदान में हैं। NDA के पास 202 विधायक हैं जबकि महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। ऐसे में NDA को 4 सीटों पर आसानी से जीत मिल जाएगी। यहां एक सीट के लिए 41 वोट चाहिए होंगे। इसके बाद NDA के खाते में 38 विधायक बचेंगे और 5वीं सीट जीतने के लिए उसे 3 और विधायकों के समर्थन की दरकार होगी। वहीं, महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं. अगर ओवैसी की AIMIM के 5 और BSP का विधायक उन्हें वोट दे तो एक सीट जीत सकता है।
बिहार में राज्यसभा चुनाव इस लिहाज से बेहद खास है क्योंकि एनडीए के 3 घटक दलों के प्रमुख चुनाव लड़ रहे हैं। जेडीयू की ओर से नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के उपेंद्र कुशवाहा चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। एनडीए के 2 अन्य उम्मीदवार हैं जेडीयू से केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और बीजेपी के प्रदेश महासचिव तथा पूर्व विधायक शिवेश कुमार।
ओडिशा में भी वोटिंग से पहले सियासत
राज्य में विधानसभा की 147 सीटें हैं। यहां राज्यसभा की 4 सीटों के लिए चुनाव होगा, लेकिन 5 उम्मीदवार हैं। एक सीट पर जीत के लिए 30 विधायकों का समर्थन चाहिए। भाजपा के दो प्रत्याशी मनमोहन सामल और सुजीत कुमार की जीत तय है। BJD के पास 48 वोट हैं। उसने 2 उम्मीदवार उतारे हैं। संत्रुप्त मिश्रा और दत्तेश्वर होता। मिश्रा की जीत तय है। पेंच चौथी सीट पर फंसा है। भाजपा ने दिलीप राय को समर्थन दिया है। कांग्रेस के 14 और माकपा का एक विधायक होता के साथ हैं। क्रॉस वोटिंग पर नतीजे पलट सकते हैं।
क्या हरियाणा में फिर होगी क्रॉस वोटिंग
तीसरा राज्य हरियाणा है। यहां पर 2 सीटों के लिए चुनाव होने हैं. विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं। 2 सीटों पर चुनाव के लिए 3 प्रत्याशी मैदान में हैं। हर प्रत्याशी को जीत के लिए 31 वोट चाहिए होगा. BJP के पास 48 विधायक हैं। उसके एक प्रत्याशी संजय भाटिया का जीतना तय माना जा रहा है। इसके बाद भी बीजेपी के पास 17 वोट बचेंगे, जिसके पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में जाने की उम्मीद है। 3 निर्दलीय के अलावा इंडियन नेशनल लोकदल के 2 विधायकों समर्थन मिल जाए तो यह संख्या 22 हो जाएगी। ऐसे में जीत से अभी भी 9 वोट कम होगी। इसी तरह कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और पार्टी के प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध को जीत मिल सकती है। हालांकि यहां पर पहले भी क्रॉस वोटिंग हो चुकी है और कांग्रेस के पास संख्याबल होने के बावजूद उसे हार का सामना करना पड़ा था।
यह भी पढ़ेंः- ‘एक मूर्ख की वजह से देश इतना नुकसान नहीं झेल सकता…,’ किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर करारा वार, बोले- अब हर बिल पास कराएगी सरकार
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

