Countries Without Army: इन देशों के पास नहीं है अपनी कोई आर्मी

दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं जिनकी अपनी कोई स्थायी सेना नहीं है.

आइए जानते हैं कि इन देशों की रक्षा कैसे होती है.

बिना सेना वाले देशों द्वारा अपनाई जाने वाली सबसे आम सुरक्षा रणनीति में से एक है ज्यादा शक्तिशाली राष्ट्रों के साथ रक्षा समझौता पर हस्ताक्षर करना.

ऐसी संधियों के जरिए कोई दूसरा देश उनकी बाहरी सुरक्षा की जिम्मेदारी ले लेता है.

जैसे मोनाको की सुरक्षा का जिम्मा फ्रांस संभालता है और भूटान ने ऐतिहासिक रूप से भारत के साथ घनिष्ठ सुरक्षा सहयोग बनाए रखा है.

कुछ देश राष्ट्रीय रक्षा गठबंधनों में शामिल होकर अपनी सुरक्षा को मजबूत करते हैं. इसका एक सबसे बड़ा उदाहरण आइसलैंड है.

इसके पास कोई भी स्थायी सेना नहीं है लेकिन वह नाटो का सदस्य है.

नाटो के सामूहिक रक्षा सिद्धांत के तहत किसी एक सदस्य देश पर हुए हमले को सभी सदस्यों पर हुआ हमला माना जाता है.

आचार संहिता लागू होने के बाद कौन-कौन से फैसले नहीं ले सकती राज्य सरकार