अंजलि दमानिया ने दावा किया कि उन्हें अशोक खरात के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से प्राप्त हुए थे। सामाजिक कार्यकर्ता ने दावा किया, ‘एकनाथ शिंदे और अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई थी।’ जबकि कांग्रेस ने जांच से जुड़ी जानकारी लीक होने पर सवाल उठाए. खरात दुष्कर्म समेत कई मामलों में गिरफ्तार है और उस पर 8 एफआईआर दर्ज हैं. सचिन सावंत ने इसे गंभीर बताते हुए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए. दमानिया ने यह भी कहा कि सिर्फ शिंदे ही नहीं, बल्कि भाजपा और एनसीपी के कई नेताओं ने भी खरात से बातचीत की थी।

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे और अशोक खरात के बीच 17 कॉल के दावे से सियासत गरमा गई है. दमानिया ने यह भी कहा कि सिर्फ शिंदे ही नहीं, बल्कि भाजपा और एनसीपी के कई नेताओं ने भी खरात से बातचीत की थी। अंजलि दमानिया ने सीडीआर के आधार पर यह दावा किया है.

महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब एक स्वयंभू से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड को लेकर बड़े आरोप सामने आए। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने दावा किया कि दुष्कर्म के आरोपी अशोक खरात और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई। इस दावे ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष ने सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. महाराष्ट्र में अशोक खरात से जुड़े मामले को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने दावा किया किउपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अशोक खरात के बीच कम से कम 17 बार फोन पर बातचीत हुई थी. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भी खरात से संपर्क किया था. दमानिया के अनुसार, उन्हें अशोक खरात का कॉल डिटेल रिकॉर्ड एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर प्राप्त हुआ.

गौरतलब है कि अशोक खरात को 18 मार्च को एक महिला के साथ तीन साल तक दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जांच के दौरान यौन शोषण और वित्तीय अनियमितताओं सहित कई अन्य गंभीर अपराधों का खुलासा हुआ है. अब तक उसके खिलाफ कुल आठ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं.

महाराष्ट्र कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस मामले से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लगातार लीक की जा रही है. पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या महायुति सरकार निजी दुश्मनी निकालने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है.

प्रवक्ता सचिन सावंत ने सवाल उठाया कि जांच के दौरान जुटाए गए इतने अहम और गोपनीय सबूत आखिर सार्वजनिक कैसे हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह या तो जांच एजेंसियों की गंभीर लापरवाही है या फिर जानबूझकर जानकारी लीक कर राजनीतिक बदला लिया जा रहा है. उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इससे जनता का भरोसा कमजोर होता है.

दमानिया ने यह भी कहा कि सिर्फ शिंदे ही नहीं, बल्कि भाजपा और एनसीपी के कई नेताओं ने भी खरात से बातचीत की थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल और एनसीपी नेता सुनील तटकरे के साथ भी आठ-आठ कॉल हुए। इसके अलावा भाजपा मंत्री आशीष शेलार के साथ भी संपर्क का जिक्र किया गया।

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