लखनऊ. योगी सरकार में सरकारी स्कूलों की तस्वीर तेजी से बदल रही है और इसका असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है. कभी कमजोर विकल्प माने जाने वाले सर्वोदय विद्यालय आज छात्रों और अभिभावकों की पहली पसंद बने हैं. सत्र 2026-27 के लिए इन विद्यालयों में प्रवेश को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला है. 10,790 सीटों के लिए 68 हजार से ज्यादा आवेदन आना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में भरोसा मजबूत हुआ है. गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई, बेहतर आवासीय सुविधाएं और अनुशासित माहौल ने इन स्कूलों को खास बना दिया है. ग्रामीण ही नहीं, शहरी क्षेत्र के अभिभावक भी अपने बच्चों के लिए सर्वोदय विद्यालयों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

गौरतलब है कि यूपी में 103 सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं, इसमें 70 बालकों और 33 बालिकाओं के लिए हैं जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित माहौल और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. यही वजह है कि ये विद्यालय छात्रों और अभिभावकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं. योगी सरकार में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सर्वोदय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रिकॉर्ड आवेदन प्राप्त हुए हैं. 10,790 सीटों के लिए 68,780 छात्रों ने आवेदन किया है, जो सीटों से लगभग 7 गुना अधिक है. यह आंकड़ा प्रदेश योगी सरकार में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सुधारों और अभिभावकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है.
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बालकों के लिए कक्षा- 6 में 4661, कक्षा-7 में 920, कक्षा- 8 में 924 और कक्षा-9 में 947 सीटें उपलब्ध हैं. इस प्रकार कुल 7452 सीटें बालक वर्ग के लिए निर्धारित हैं. इसी प्रकार बालिकाओं के लिए कक्षा- 6 में 2310, कक्षा- 7 में 294, कक्षा- 8 में 358 और कक्षा- 9 में 376 सीटें हैं. कुल मिलाकर 3,338 सीटें बालिकाओं के लिए निर्धारित की गई हैं. बालक वर्ग में कक्षा- 6 के लिए 22,088, कक्षा- 7 के लिए 5,724, कक्षा-8 के लिए 5530 और कक्षा- 9 के लिए 11,401 आवेदन प्राप्त हुए हैं. कुल 44,743 बालकों ने आवेदन किया है. इसी प्रकार बालिका वर्ग के लिए कक्षा- 6 में 12,214, कक्षा-7 में 2,524, कक्षा- 8 में 2,527 और कक्षा- 9 में 6,772 आवेदन प्राप्त हुए हैं. कुल 24,037 बालिकाओं ने आवेदन किया है. इस प्रकार दोनों में कुल 68,780 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो दर्शाता है कि सर्वोदय विद्यालयों में प्रवेश के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है.
विद्यालयों में है अनुशासन और आधुनिक संसाधन
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार किए जा रहे हैं. विद्यालयों में बेहतर शिक्षण व्यवस्था, आवासीय सुविधाएं, अनुशासन और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता ने इन स्कूलों को खास बना दिया है. वहीं ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए सर्वोदय विद्यालय एक मजबूत विकल्प बनकर उभरे हैं. यहां न केवल पढ़ाई का स्तर बेहतर है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है.
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