कुंदन कुमार, पटना। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आज रविवार (19 अप्रैल) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के पास नहीं होने पर कहा कि, विपक्ष ने देश की महिलाओं का अपमान किया।
विपक्ष ने मारा महिलाओं का हक- सीएम सम्राट
सीएम सम्राट ने कहा कि, कांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी ने महिलाओं का हक मारा है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि, इन पार्टियों की नीति है कि अपनी बहन, बेटी, पत्नी सांसद विधायक बने। लेकिन देश की अन्य महिलाओं को उनका हक ना मिले। इसलिए विपक्ष ने बिल पारित नहीं होने दिया।
तो महिलाओं के हाथ में होती देश की कमान- सीएम
सीएम ने कहा कि, अगर ये बिल पारित होता तो देश की कमान महिलाओं के हाथ होती। विपक्ष ने देश की महिलाओं के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस को जवाब देना पड़ेगा कि आपके परिवार की महिलाएं सांसद बन रही हैं। देश की गरीब महिला कब सांसद बनेगी? सीएम ने बताया कि, बिहार विधानसभा में सिर्फ 29 महिला विधायक हैं। अगर यह बिल पास हो जाता, तो कम से कम 122 विधायक होतीं।
272 महिलाएं होतीं सांसद- सीएम
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी लगातार महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। जब 2006 में बिहार में NDA की सरकार बनी थी, तो पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण दिया गया था। आज मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि बिहार में 50% आरक्षण है लेकिन बिहार में 59% से ज़्यादा महिलाएं चुनाव जीत रही हैं। लोग कहते हैं कि बिल पहले पास हो गया था। PM मोदी की सरकार आश्वासन दे रही थी। अमित शाह भी आश्वासन दे रहे थे कि बिल के माध्यम से 543 सांसद की जगह पर 816 और फिर इसे 850 तक बढ़ाने का प्रस्ताव था। अगर यह बिल पास हो जाता, तो देश में 816 सांसदों में से 272 सांसद महिलाएं होतीं।
इस दौरान पूर्व मंत्री लेशी सिंह, हम पार्टी विधायक ज्योति मांझी, पटना मेयर सीता साहू, भाजपा विधायक संगीता कुमारी, रालोमो विधायक स्नेह लता कुशवाहा और राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह भी मौजूद रहीं।
जानें क्यों पास नहीं हुआ बिल?
दरअसल मोदी सरकार ने बीते शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया था। हालांकि यह बिल दो तिहाई बहुमत ना होने की वजह से गिर गया। बिल के पक्ष में 298 वोट मिले जबकि इसके विरोध में 230 वोट मिले। बता दें कि मोदी सरकार का यह पहला ऐसा बिल था, जिसे वो पास न करा पाए।
पीएम मोदी ने माताओं-बहनों से मांगी क्षमा
महिला आरक्षण बिल से जुड़े परिसीमन बिल के पास नहीं होने पर कल शनिवार को पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। इसके लिए मैं देश की माताओं-बहनों से क्षमा प्रार्थी हूं।
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