मुरलीधर गुप्ता, खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में डिजिटल नेटवर्क से धर्मांतरण का खेल उजागर हुआ है। बताया जा रहा है कि खेत में बने घर में प्रार्थना सभा चल रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने दबिश दी और चार आरोपियों को धर दबोचा। वहीं मौके से बाइबिल, लैपटॉप-प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम जब्त किया गया है। फिलहाल पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया है।
यह पूरा मामला ग्राम बमनाला का है। बताया जा रहा है कि सेल्दा रोड पर स्थित पेट्रोल पंप के पीछे स्थित एक मकान में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मातरण किया जा रहा था। इस मामले का खुलासा बुधवार को हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस ने कथित धर्मांतरण के डिजिटल नेटवर्क का खेल उजागर करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। बमनाला चौकी प्रभारी राजेंद्र अवास्या ने बताया कि दोपहर 12 बजे के बाद टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जहां 13 बाइबिल, 7 ईसाई साहित्य की पुस्तकें, एक लैपटॉप, प्रोजेक्टर, साउंड सिस्टम और अन्य सामग्री जब्त की गई है।
उपकरणों के जरिए प्रचार-प्रसार
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन उपकरणों के जरिए लोगों को एकत्र कर धार्मिक प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। घटना के बाद ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धाराओं 3 व 5 के तहत केस दर्ज कर लिया है। चौकी प्रभारी अवास्या ने बताया कि शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर मौजूद चारों युवकों को पूछताछ के लिए गांव से थाने लेकर पहुंचे।
प्रार्थना के नाम पर धर्म बदलने का दबाव
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सेल्दा रोड स्थित संबंधित मकान लंबे समय से इस प्रकार की गतिविधि चल रही थी। जहां आदिवासी क्षेत्र के ग्रामीणों को प्रार्थना करने के लिए कहा गया और कथित रूप से बीमारी दूर होने का दावा करते हुए धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने हिंदू रीति-रिवाज छोड़ने की बात भी कही। पुलिस ने मौके पर मौजूद चारों आरोपियों गांव के राजू बड़ोले, ढसलगांव निवासी बबलु जमरे, झाबुआ जिले के उमरिया निवासी सेतु मेड़ा और कल्यापुरा के पंकज बारिया ने कथित रूप से उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा और धार्मिक साहित्य भी दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों में शामिल बबुल ने दो-तीन साल पहले ही सेल्दा रोड पर खेत में मकान बनाया।
गोपनीय दस्तावेज भी मिले, जांच जारी
थाना प्रभारी नीरज सारवान ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। तलाशी के दौरान कुछ गोपनीय दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा गतिविधियां कितने समय से संचालित हो रही थी।
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