कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में मासूमों की जान को जोखिम में डालने का काम किया जा रहा था। दरअसल, यहां बच्चों की पैरासिटामॉल पीडियाट्रिक ओरल सस्पेंशन आईपी 125mg 5ml जांच में फेल पाई गई है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने दवा के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दी है।

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दवा के वितरण और उपयोग बंद करने के निर्देश

यह सिरप सरकारी अस्पतालों में भी सप्लाई हुई है। सीएमएचओ ने सभी अस्पताल और चिकित्सा अधिकारियों को पत्र लिखा है। लेटर में दवा के वितरण और उपयोग को बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसकी निर्माता कंपनी इंदौर की मेसर्स जेनिथ ड्रग्स लिमिटेड है।  

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अभिभावकों से अपील- बच्चों को न दें दवा

अस्पतालों और क्लिनिक को भी सख्त निर्देश दिए हैं। सभी को अपने स्टॉक की जांच करने और इस विशेष बैच की नंबर की दवा को वितरण पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। पिछले दिनों दवा का सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजा गया था, जहां सैंपल फेल हो गया है। अभिभावकों से भी बच्चों को यह दवा न देने की अपील की गई है।   

जानिए सीएमएचओ ने क्या कहा?

सीएमएचओ नवीन कोठारी ने इस मामले में बताया कि मध्य प्रदेश शासन की सतत प्रक्रिया है जिसमें स्टोर में रहने वाली दवाइयों का नियमित रूप से परीक्षण होता है। NABL की रिपोर्ट जब तक नहीं आती, तब तक यह स्टोर में ही रहती है। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद ही इसे बांटा जाता है। यह जब स्टोर में रहती है तो इसकी एक्सपायरी डेट 1, 2 या 3 साल तक होता है। इस बीच ड्रग विभाग इसकी जांच करती है। अगर कोई दवा स्तर पर नहीं मिलता है तो उसे वापिस मंगा लिया जाता है।’

उन्होंने आगे बताया कि इस दवा में क्लंपिंग की समस्या पाई गई है। जिसकी वजह से क्रिस्टलाइजेशन हो जाता है। यह सिरप बाजार में नहीं है और हमारे ही फार्मेसी में है। ऐसा नहीं है कि यह खराब है या इसकी क्वालिटी नहीं है, बस स्टैण्डर्ड के अनुरूप नहीं है।

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