नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी(Aam Aadmi Party) के राज्यसभा संसदीय दल में कथित टूट को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इस घटनाक्रम को पार्टी के लिए गंभीर संकेत बताते हुए नेतृत्व पर निशाना साधा। रेखा गुप्ता ने कहा कि “इंकलाब” के नारे से शुरू हुई AAP का अंत अब विश्वास के संकट और अंदरूनी अलगाव के साथ हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में बढ़ती असंतुष्टि का कारण नेतृत्व शैली है। उन्होंने यह भी कहा कि दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों का जाना अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की “तानाशाही” कार्यशैली पर सीधी चोट है। गुप्ता के मुताबिक, यह घटनाक्रम दर्शाता है कि पार्टी के भीतर गंभीर मतभेद हैं। सीएम ने आगे दावा किया कि दिल्ली में सत्ता गंवाने के बाद अब आम आदमी पार्टी के लिए पंजाब में भी चुनौतियां बढ़ेंगी और वहां भी सत्ता हाथ से निकल सकती है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार रात किए गए अपने पोस्ट में रेखा गुप्ता ने लिखा, “इंकलाब के नारे से शुरू हुई AAP का अंत अविश्वास और अलगाव से हो रहा है। आपकी पार्टी में अब आम आदमी नहीं, सिर्फ भ्रष्ट आदमी बचा है।” उन्होंने आगे अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, “दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों का जाना आपकी तानाशाही पर सीधी चोट है।” सीएम गुप्ता ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि दिल्ली के बाद अब पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की स्थिति कमजोर होगी। उन्होंने लिखा, “अब दिल्ली के बाद पंजाब की बारी है।”
AAP के 10 में से 7 राज्यसभा सांसद छोड़ गए साथ
पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को लेकर शुक्रवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जिसमें पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के अलग होकर भारतीय जनता पार्टी में विलय करने का दावा किया गया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि अब तक स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। दावों के मुताबिक, पार्टी छोड़ने वालों में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवालके नाम शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुल 10 में से 7 सांसदों के इस समूह ने एक साथ पार्टी छोड़ने का फैसला लिया, जिसे AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं, जिन तीन राज्यसभा सांसदों के पार्टी के साथ बने रहने की बात कही जा रही है, उनमें संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलबीर सिंह सीचेवाल शामिल हैं।
पार्टी पर लगाया सिद्धांतों से भटकने का आरोप
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने दावा किया कि वे और उनके साथ अन्य सांसद BJP में शामिल हो गए हैं। चड्ढा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से भटक गई है। उनके मुताबिक, यही कारण है कि उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा।उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक मूल्यों में कमी आई है और नेतृत्व शैली को लेकर असंतोष बढ़ा है। चड्ढा ने इसे एक सामूहिक निर्णय बताते हुए कहा कि यह कदम पार्टी की मौजूदा स्थिति से निराशा का परिणाम है।
केजरीवाल बोले- पंजाब की जनता से विश्वासघात
पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए BJP पर गंभीर आरोप लगाए हैं।केजरीवाल ने कहा कि BJP ने पंजाब की जनता के साथ “विश्वासघात” किया है और यह घटनाक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव और प्रलोभनों के जरिए यह स्थिति पैदा की गई है। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मानने पार्टी छोड़ने वाले सातों सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “गद्दार” करार दिया। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास से चुने गए जनप्रतिनिधियों का इस तरह पार्टी छोड़ना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।
भाजपा मुख्यालय में हुआ तीनों सांसदों का स्वागत
आम आदमी पार्टी से अलग होने का दावा करने वाले राज्यसभा सांसदों का भारतीय जनता पार्टी ने स्वागत किया है। इस दौरान पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं को मिठाई खिलाकर औपचारिक स्वागत किया गया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि राघव चड्ढा जी, संदीप पाठक जी और अशोक मित्तल जी का पार्टी परिवार में स्वागत किया गया है।अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी लिखा कि हरभजन सिंह जी, स्वाति मालीवाल जी, विक्रम साहनी जी और राजेंद्र गुप्ता जी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक “विकसित भारत” के लक्ष्य की दिशा में काम करने के लिए शुभकामनाएं दी गई हैं।
संजय सिंह बोले- AAP के खिलाफ शुरू हुआ ऑपरेशन लोटस
आम आदमी पार्टी पार्टी नेता संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर BJP पर ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाकर सांसदों को तोड़ने का आरोप लगाया। संजय सिंह ने कहा कि यह कदम पंजाब में मान सरकार के कामकाज को बाधित करने और राज्य की राजनीति को अस्थिर करने की साजिश का हिस्सा है। वहीं दूसरी ओर, प्रेस वार्ता में राघव चड्ढा ने दावा किया कि सात राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी अब अपने संस्थापक सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से भटक चुकी है। चड्ढा ने कहा, “जिस आम आदमी पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा, उसे मैंने अपनी जिंदगी के 15 साल दिए, वह अब अपने मूल रास्ते से हट गई है।”
गौरतलब है कि हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में AAP के उपनेता पद से हटाया गया था और उनकी जगह मित्तल को नियुक्त किया गया था। हालांकि, मित्तल ने भी चड्ढा के साथ पार्टी छोड़ने का दावा किया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम अगले साल पंजाब में संभावित विधानसभा चुनाव से पहले AAP को कमजोर करने की कोशिश हो सकता है। सूत्रों ने यह भी आरोप लगाया कि ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के डर ने कुछ सांसदों के फैसले को प्रभावित किया हो सकता है, जबकि कुछ नेता पार्टी में अपनी घटती भूमिका से नाराज थे। उल्लेखनीय है कि 15 अप्रैल को ED ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले में पंजाब में अशोक मित्तल से संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की थी।
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