दिल्ली के कैलाश हिल्स  इलाके में आईआरएस अधिकारी की बेटी से दुष्कर्म और हत्या के मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। अब पुलिस आरोपी राहुल मीणा का साइकोलॉजिकल एनालिसिस टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है। Delhi Police का मानना है कि इस टेस्ट के जरिए आरोपी की मानसिक स्थिति, व्यवहार और अपराध के पीछे की वास्तविक वजहों को समझने में मदद मिलेगी। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी के व्यवहार ने जांच टीम को चौंका दिया। बताया जा रहा है कि वह पूछताछ के दौरान बेहद शांत और संयमित नजर आया, जबकि उसके चेहरे पर किसी प्रकार का पछतावा या भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं दिखी। इसी असामान्य व्यवहार को देखते हुए जांच एजेंसियों ने विशेषज्ञों की मदद लेने का फैसला किया है। पुलिस अब यह जानना चाहती है कि क्या यह व्यवहार मानसिक स्थिति से जुड़ा है या फिर किसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

आरोपी राहुल के सोचने के तरीके का आकलन

जानकारी के मुताबिक, इस टेस्ट में आरोपी के गुस्से का स्तर, भावनात्मक प्रतिक्रिया, सोचने का तरीका और अपराधी प्रवृत्ति जैसे पहलुओं का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञ यह भी जांचेंगे कि क्या उसके व्यवहार में किसी प्रकार की असामान्य मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियाँ मौजूद हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, टेस्ट के दौरान यह भी देखा जाएगा कि आरोपी में एंटी सोशल पर्सनालिटी डिसऑर्डर जैसे किसी मानसिक विकार के लक्षण तो नहीं हैं, जो उसके व्यवहार और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।

पहले से प्लान किया था या गुस्से में मार दिया?

सूत्रों के अनुसार, आरोपी राहुल मीणा की मनोवैज्ञानिक प्रोफाइलिंग और साइकोलॉजिकल टेस्ट से मामले की कई महत्वपूर्ण कड़ियों के जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इससे आरोपी के व्यवहार पैटर्न और मानसिक स्थिति को समझने में मदद मिलेगी, जिससे यह स्पष्ट हो सकता है कि अपराध पूर्व नियोजित था या आवेग में किया गया। फिलहाल आरोपी 4 दिन की पुलिस रिमांड पर है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस टीम अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है, जिसमें डिजिटल साक्ष्य, घटनास्थल की स्थिति, और आरोपी की गतिविधियों की टाइमलाइन को भी खंगाला जा रहा है।

आरोपी राहुल से पूछताछ में सामने आए नए दावों के बाद दिल्ली पुलिस अब कई अहम कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में दावा किया है कि वारदात के बाद वह जिस होटल में ठहरा था, वहां उसने कोई पहचान पत्र (आईडी) नहीं दिया था। उसने केवल 500 रुपये नकद देकर कमरा लिया था। इस बयान के बाद पुलिस अब होटल स्टाफ की भूमिका की जांच कर रही है और नियमों के उल्लंघन की आशंका को लेकर कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। जांच के तहत पुलिस न केवल होटल स्टाफ बल्कि टैक्सी और ऑटो चालकों के बयान भी दर्ज कर रही है, ताकि आरोपी की गतिविधियों की समयरेखा को स्पष्ट किया जा सके। इसके अलावा, आरोपी के बयानों की पुष्टि के लिए कई स्वतंत्र गवाहों से भी पूछताछ की जा रही है।

ID नहीं होने पर ज्यादा रकम दी

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि होटल पहुंचने पर उसके पास कोई पहचान पत्र नहीं था, जिसके कारण उसे कमरा लेने में दिक्कत हुई। उसके अनुसार, होटल स्टाफ ने पहले 1500 रुपये किराया बताया, जिसके बाद उसने 2000 रुपये नकद दिए और बिना आईडी प्रूफ के उसे कमरा उपलब्ध करा दिया गया। आरोपी के अनुसार, कमरे में पहुंचने के बाद उसने एक क्विक कॉमर्स ऐप के जरिए एक टी-शर्ट ऑर्डर की थी, जिसकी पेमेंट वह कैश ऑन डिलीवरी के जरिए करना चाहता था। इसके अलावा उसने उसी दौरान खाना भी ऑर्डर किया था। पुलिस अब इन दावों की पुष्टि के लिए होटल रिकॉर्ड, स्टाफ के बयान और डिजिटल ट्रांजेक्शन से जुड़े डेटा की जांच कर रही है।

लोकेशन डेटा खंगाल रहे

आरोपी राहुल मीणा के बयान के आधार पर युवती का मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है, जिसे जांच में अहम सबूत माना जा रहा है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह युवती का फोन अपने साथ लेकर आया था और बाद में उसने उसे आस्थाकुंज पार्क के पास एक कूड़ेदान में फेंक दिया था। इसके बाद पुलिस टीम ने पूरे इलाके में कई बार सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, मोबाइल की बरामदगी केस की जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है, क्योंकि इससे वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों को समझने में मदद मिलेगी। फिलहाल पुलिस अब फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और लोकेशन डेटा की बारीकी से जांच कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि घटना की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा सके और यह स्पष्ट हो सके कि आरोपी और पीड़िता के बीच आखिरी संपर्क कब और कैसे हुआ था।

राजस्थान भागने की तैयारी में था

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने घर से पैसे और ज्वैलरी चोरी करने के बाद आस्था कुंज और नेहरू प्लेस के रास्ते करीब 600 रुपये में टैक्सी लेकर पालम रेलवे स्टेशन पहुंचा था। उसका उद्देश्य ट्रेन पकड़कर दिल्ली से बाहर निकलना था। हालांकि, बताया जा रहा है कि उसके स्टेशन पहुंचने से पहले ही वह ट्रेन छूट चुकी थी। इसके बाद वह स्टेशन से बाहर आया और ऑटो लेकर द्वारका स्थित एक होटल पहुंच गया, जहां वह कुछ समय तक रुका रहा। जांच में यह भी सामने आया है कि पालम रेलवे स्टेशन से दिन में शालीमार मालिनी एक्सप्रेस और रात में कई ट्रेनें राजस्थान की ओर जाती हैं। ऐसे में पुलिस का मानना है कि आरोपी दोपहर की ट्रेन छूटने के बाद रात की ट्रेन पकड़ने की कोशिश में था, लेकिन उससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया।

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