डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, सोनीपत में हाईवे ट्रैफिक विभाग के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया।
संजीव, सोनीपत। सुरक्षित समाज के निर्माण और युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने के उद्देश्य से डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, सोनीपत में कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में हाईवे ट्रैफिक विभाग से विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) सुनील कुमार ने शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में सड़क सुरक्षा के नियमों की अनिवार्यता और वर्तमान दौर में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सचेत करना था। विद्यालय परिसर में आयोजित इस सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भविष्य में इन नियमों को अपने आचरण में ढालने का संकल्प लिया।
ट्रैफिक नियमों की पाठशाला और साइबर सुरक्षा के टिप्स
मुख्य वक्ता सुनील कुमार ने अपने संबोधन में सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अनमोल जीवन की रक्षा के लिए जरूरी है। उन्होंने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, ओवरस्पीडिंग के खतरों और सड़क पर लगे संकेतों (Traffic Signs) को पहचानने के महत्व पर विशेष जोर दिया। इसके उपरांत, उन्होंने साइबर सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को आगाह किया कि वे सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहें।
जिज्ञासाओं का समाधान और भविष्य का संकल्प
सत्र के दौरान विद्यार्थियों की सक्रियता देखने लायक थी। उन्होंने विशेषज्ञों से सड़क सुरक्षा और डिजिटल फ्रॉड से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम न केवल सूचनात्मक रहा, बल्कि प्रेरणादायक भी साबित हुआ। अंत में विद्यालय प्रशासन ने सुनील कुमार का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया। विद्यालय की ओर से कहा गया कि समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है, और भविष्य में भी ऐसे सत्रों का सिलसिला जारी रहेगा।

