अतीश दिपंकर, भागलपुर। बिहार के भागलपुर से इस समय बड़ी खबर सामने आई है, जहां कार्यपालक पदाधिकारी की गोली मारकर हत्या करने वाले अपराधी को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। यह मुठभेड़ आज बुधवार की सुबह हुई। मृतक की पहचान मुख्य अभियुक्त रामधीन यादव के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान उसके सीने में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि इस मुठभेड़ के दौरान 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
हथियार बरामदगी के लिए पहुंची थी पुलिस
गौरतलब है कि कल मंगलवार की दोपहर दिनदहाड़े नगर परिषद कार्यालय में हुए खूनी हमले के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया था। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने रातभर छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी रामधनी यादव समेत तीन को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, बुधवार की तड़के सुबह पुलिस की विशेष टीम आरोपी को हत्या में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी के लिए गुप्त स्थान पर लेकर गई। सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच जैसे ही टीम मौके पर पहुंची। वहां, पहले से घात लगाए अपराधियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
15 से 20 मिनट तक चली मुठभेड़

इसी दौरान हिरासत में मौजूद रामधनी यादव ने भी भागने और पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने आत्म रक्षा में जवाबी फायरिंग की। करीब 15 से 20 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में रामधनी यादव को कई गोलियां लगीं और वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। वहीं, उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत भागलपुर के मायागंज अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद रामधनी यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल जवानों का इलाज जारी है।
कार्यालय में घुसरकर की थी हत्या
गौरतलब है कि मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में अपराधियों ने दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे बिहार प्रशासन को झकझोर कर रख दिया था। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहारी की एनडीए सरकार और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जमकर निशाना साधा था। वहीं, अब मुख्य आरोपी के 12 घंटे के भीतर एनकाउंटर में ढेर होने से पुलिस ने अपराध के खिलाफ सख्त और साफ संदेश दिया है।
घटना पर एसएसपी प्रमोद कुमार का बयान
मुठभेड़ को लेकर भागलपुर एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि, घटना के बाद मामले की जांच और अपराधियों की धर-पकड़ के लिए 4 से 5 टीम का गठन किया गया था। वहीं, थाने द्वारा चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा था। पुलिस से खुद को घिरता देख घटना में शामिल तीनों आरोपी एक ऑटो में बैठकर आत्म समर्पण करने के लिए थाने पहुंचे, हालांकि इस दौरान पुलिस ने उन्हें आत्म समर्पण करने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया।
सुल्तानगंज में छिपाया था हथियार
पूछताछ के क्रम में उन्होंने बताया कि घटना में इस्तेमाल हथियार को उन्होंने सुल्तानगंज में किसी जगह पर छिपाया है, जिसे बरामद करने के लिए हम लोग मुख्य आरोपी रामधनी यादव को लेकर वहां पहुंचे। इस दौरान घटना में शामिल दो अन्य उनके साथी उसका पीछा कर रहे थे, जिन्होंने हथियार बरामदगी के दौरान फायरिंग कर आरोपी को छुड़ाने की कोशिश की। रामधनी यादव ने भी मौके का फायदा उठाना चाहा और वहां मौजूद पिस्टल को लेकर पुलिस टीम पर फायरिंग करना शुरू कर दिया।
दो आरोपी अभी भी फरार
एसएसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि, बदले में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें गोली लगने से रामधनी यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, इस दौरान तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए और वहां मौजूद अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। सभी को मायागंज अस्पताल लाया गया, जहां इलाक के क्रम में मुख्य आरोपी रामधनी की मौत हो गई। वहीं, सभी घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है। उन्होंने बताया कि दो आरोपी अभी भी पुलिस की हिरासत में हैं। वहीं, फरार अपराधियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है, जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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