जम्मू-कश्मीर के बारामूला से सांसद इंजीनियर रशीद (Engineer Rashid) को दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें एक हफ्ते की अंतरिम जमानत दी है, जो मानवीय आधार पर दी गई है ताकि वे अपने बीमार पिता से मिल सकें और उनकी देखभाल कर सकें। इंजीनियर रशीद पर टेरर फंडिंग मामला से जुड़े गंभीर आरोप हैं और वे वर्ष 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस अवधि के दौरान वे अपने पिता के साथ अस्पताल या घर में रह सकते हैं, लेकिन इसके साथ कई सख्त शर्तें भी लागू रहेंगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राहत केवल अस्थायी है और मामले की सुनवाई पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इससे पहले इंजीनियर रशीद ने निचली अदालत में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया और अपने पिता की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए उनसे मिलने की अनुमति मांगी थी। हाईकोर्ट ने उनकी दलील पर विचार करते हुए कुछ सख्त शर्तों के साथ अंतरिम जमानत को मंजूरी दे दी। आदेश के मुताबिक, रशीद इस अवधि में अपने पिता के साथ अस्पताल या घर में रह सकेंगे, लेकिन उन्हें अदालत द्वारा तय शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।

किन शर्तों पर मिली जमानत

अदालत ने जमानत देते हुए कई सख्त शर्तें भी तय की हैं। आदेश के मुताबिक इंजीनियर रशीद को 1 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और इतनी ही राशि का श्योरिटी बॉन्ड जमा करना होगा। उनके साथ हर समय दो पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में वे केवल उसी स्थान पर रहेंगे जहां उनके पिता मौजूद होंगे चाहे वह घर हो या अस्पताल। उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा वे एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करेंगे, जो हमेशा चालू रहेगा और निगरानी में रहेगा।  आदेश में यह भी कहा गया है कि वे किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे या उसे प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे। केवल करीबी परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमति होगी, अन्य किसी से मुलाकात पर रोक रहेगी। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी और खर्च राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा वहन किया जाएगा।

कौन हैं इंजीनियर रशीद

इंजीनियर रशीद कश्मीर के चर्चित नेताओं में शामिल हैं और उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। राजनीति में आने से पहले वे सरकारी विभाग में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। उन्हें 2017 के टेरर फंडिंग मामले में यूएपीए (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया था और वे 2019 से दिल्ली की Tihar Jail में बंद हैं। उन पर गंभीर आरोप लगे हैं, हालांकि रशीद लगातार इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि उन्हें इस अवधि में अपने पिता के साथ अस्पताल या घर में रहने की अनुमति होगी, लेकिन इसके साथ कई सख्त शर्तें भी लागू रहेंगी।

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