सुरेश कुमार, सिंगरौली। चितरंगी में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। जहां अस्पताल तक पहुंची गर्भवती आदिवासी महिला का गेट पर ही प्रसव हो गया और नवजात की मौत हो गई। इस घटना ने स्वास्थ्यकर्मियों की संजीदगी पर सवाल खड़ा कर दिया है।

मामला सिंगरौली जिले के चितरंगी उप स्वास्थ्य केंद्र लमसरई का है। जहां प्रसव पीड़ी के बाद महिला अस्पताल पहुंची थी लेकिन वहां न तो डॉक्टर मौजूद था और न ही स्टाफ। हालात इतने खराब रहे कि गर्भवती महिला घंटो गेट पर तड़पती रही और अंत में उसने गेट पर ही बच्चे को जन्म दे डाला। वहीं इलाज के अभाव में शिशु की मौत हो गई है।

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BMO ने झाड़ा पल्ला

मामले में जब ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर हरिशंकर सिंह बैस से फोन पर बात की गई तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उप स्वास्थ्य केंद्र लमसरई में किसी भी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। स्टाफ की कमी के कारण ऐसी स्थिति बनी है।

नेता प्रतिपक्ष ने की स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस घटना पर ट्वीट के माध्यम से राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने घटना की जिक्र करते हुए लिखा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमराई हुई है। इस तरह की घटनाएं सरकार की नाकामी को उजागर करती हैं। उन्होंने इस घटना पर स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

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स्वास्थ्य विभाग की कमियां उजागर

सिंगरौली के चितरंगी में हुई इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की कमी को उजागर किया है। स्टाफ कमी का बहाना बनाकर सिस्टम अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहता है। यह तस्वीर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है कि विभाग की अनदेखी से जनता को कब तक परेशान होना पड़ेगा।

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