रेनु अग्रवाल, धार। इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। एक पिकअप वाहन के पलटने से अब तक 16 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 लोग घायल है। इस हादसे में सबसे हृदयविदारक पहलू यह रहा कि नयापुरा के एक ही डाबर परिवार के 8 सदस्यों की जान चली गई।
मजदूरी कर लौट रहा था परिवार
बताया जा रहा है कि पिकअप वाहन में करीब 46 मजदूर सवार थे, जो बगगड़ से मजदूरी कर अपने गांव तिरला लौट रहे थे। वाहन में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। जैसे ही पिकअप जिओ पेट्रोल पंप के पास पहुंची, वह अनियंत्रित होकर तीन-चार बार पलटी खा गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डाबर परिवार के बच्चे और बड़े सभी इस काल के गाल में समा गए।

अस्पताल में मची चीख-पुकार
हादसे के घायलों का उपचार धार जिला अस्पताल और इंदौर में चल रहा है। जिला अस्पताल पहुंचे DIG ने घायलों का हाल जाना और बेहतर उपचार के निर्देश दिए। प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी और एसपी मयंक अवस्थी भी राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
रोड इंजीनियरिंग की खुली पोल, DIG ने गिनाईं कमियां
हादसे के बाद ग्रामीण DIG मनोज कुमार सिंह ने घटना स्थ्ल का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान NHAI की गंभीर लापरवाही सामने आई है। DIG ने मौके पर मौजूद इंजीनियर को जमकर फटकार लगाते हुए कई तकनीकी खामियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि सड़क के कट पर न तो कोई ब्लिंकर लगा है और न ही कोई इंडिकेटर लगा है। यू-टर्न या स्टॉप का कोई साइन बोर्ड भी नहीं है। उन्होने बताया कि दोनों डिवाइडर के बीच 5 से 6 फीट की दूरी होने के कारण ड्राइवर को भ्रम हुआ।

NHAI के इंजीनियर की दलील
DIG के सवालों पर NHAI के इंजीनियर ने दलील दी कि हादसे की वजह से इंडिकेटर टूट गए हैं। इस पर DIG ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूछा कि यदि पहले भी यहां हादसे हुए हैं, तो उन्हें सुधारा क्यों नहीं गया?
हाई लेवल रिपोर्ट होगी तैयार
DIG मनोज कुमार सिंह ने कहा कि रोड सेफ्टी कमेटी की ओर से एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह रिपोर्ट NHAI, पुलिस IG, ADG और PTRI को भेजी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रोड इंजीनियरिंग की लापरवाही का मामला है और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

