चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने रोहतक के बहुचर्चित हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कुख्यात आरोपी अनिल उर्फ लीला को बड़ा झटका और राहत दोनों देते हुए उसकी सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया है।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि आरोपी ने अब तक 14 साल से अधिक की वास्तविक सजा काट ली है और अपील के जल्द निपटारे की संभावना कम है, इसलिए यह अंतरिम राहत दी जा रही है।
हाईकोर्ट ने क्या कहा
हालांकि हाईकोर्ट ने साफ किया कि यह आदेश केवल इसी मामले तक सीमित रहेगा और आरोपी पर दर्ज अन्य 16 गंभीर मामलों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।मामले की सुनवाई जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मनचंदा की खंडपीठ ने की। अनिल उर्फ लीला को 2009 में रोहतक के सांपला थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में दोषी ठहराया गया था।बाद में 31 मई 2024 को रोहतक की अतिरिक्त सत्र अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
इस वजह से सजा की गई निलंबित
सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने दलील दी कि वह लंबे समय से जेल में है और अपील के फैसले में देरी होने की संभावना है, इसलिए सजा निलंबित की जाए। वहीं हरियाणा सरकार ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पर MCOCA और UAPA सहित कई गंभीर मामले भी लंबित हैं।सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि लंबी कैद और अपील में देरी को देखते हुए केवल इसी मामले में सजा निलंबित की जाती है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आरोपी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं पाया जाता है तो वह जमानत और मुचलके पर रिहा हो सकता है।साथ ही अदालत ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि आरोपी का आचरण खराब पाया गया तो यह राहत वापस ली जा सकती है।

