देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड की विधानसभा में 28 अप्रैल को बुलाए गए विशेष सत्र को लेकर धामी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विशेष सत्र में एक पूर्णतः अतथ्यपूर्ण प्रस्ताव रखा गया और पारित किया गया। महिला आरक्षण को लेकर इससे बड़ा कोई और असत्य नहीं हो सकता है कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने महिला आरक्षण विधेयक गिराया। कांग्रेस ने परिसीमन विधेयक के विरोध में वोट दिया है।

सत्ता का यह पाखंड स्वीकार्य नहीं

हरीश रावत ने कहा कि हमारा स्पष्ट कहना है परिसीमन विधेयक पर राज्यों को विश्वास में लीजिए, हम उसे पारित करने में सहयोग करेंगे। महिला आरक्षण विधेयक 2023 में सर्वसम्मति से दोनों सदनों में पारित हो चुका है, उसे लागू करने में सरकार विलंब कर सकती है। उस विधेयक को अब कोई भी शक्ति गिरा नहीं सकती है। विधानसभा में राजनीतिक उद्देश्य से एक ग़लत, झूठी बातों पर आधारित प्रस्ताव का पारण दुर्भाग्यपूर्ण है।उत्तराखंड की जनता, सत्ता की इस पाखंड को स्वीकार्य नहीं करेगी।

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पारित प्रस्ताव को रद्द करना भी होगा

हरीश रावत ने आगे कहा कि मुझे भरोसा है कि 2027 में कांग्रेस सत्ता में आते ही पहले जिन 10 कार्यों को क्रियान्वित करेगी, उनमें से कार्य असत्य आधारित विधानसभा द्वारा उपरोक्त पारित प्रस्ताव को रद्द करना भी होगा।