अशोक कुमार जायसवाल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर. अतिक्रमण हटाओ अभियान के तीसरे दिन शनिवार को उस समय अजीब स्थिति बन गई जब अभियान की अगुवाई कर रहे अधिकारियों के बीच ही तीखी नोकझोंक हो गई. वीआईपी गेट के पास चल रही कार्रवाई के दौरान मुगलसराय थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह और एसडीएम अनुपम मिश्रा आमने-सामने आ गए, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में हैरानी फैल गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर अभियान के दौरान एसडीएम अनुपम मिश्रा ने कार्रवाई में बाधा बन रही भीड़ को हटाने के निर्देश दिए. एसडीएम ने पुलिस बल से कहा कि अवैध कब्जा हटाने के दौरान जमा हुए लोगों को तत्काल हटाया जाए ताकि जेसीबी मशीनों को काम करने में दिक्कत न हो. इसी बात पर थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह नाराज हो गए. बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष ने एसडीएम से सवाल करते हुए कहा, “आप कैसे कह सकते हैं कि काम नहीं हो रहा है? पुलिस अपना काम कर रही है.” इसके बाद दोनों अधिकारियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि भाषा और व्यवहार को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
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एसडीएम अनुपम मिश्रा ने थानाध्यक्ष के लहजे पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह से बात करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी के रूप में वे अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है. वहीं थानाध्यक्ष का कहना था कि पुलिस मौके पर पूरी मुस्तैदी से तैनात है और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है. मामला बढ़ता देख मौके पर मौजूद नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राजीव मोहन सक्सेना, सीओ अरुण कुमार सिंह और अन्य पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया. काफी समझाने-बुझाने के बाद दोनों अधिकारियों को शांत कराया गया. इसके बाद अभियान फिर से शुरू हुआ और पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बने अवैध निर्माण हटाए गए.
तीन दिन से चल रहा अभियान
गौरतलब है कि मुगलसराय में पिछले तीन दिनों से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है. पहले दिन मछली मंडी से सपा कार्यालय तक और दूसरे दिन वीआईपी गेट से सपा कार्यालय तक बुलडोजर चलाकर 50 से 70 दुकानों को हटाया गया था. शुक्रवार को तीसरे दिन भी अभियान जारी था. प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई यातायात व्यवस्था सुधारने और आम लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए की जा रही है.
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उच्चाधिकारियों तक पहुंचा मामला
सूत्रों के अनुसार, एसडीएम और थानाध्यक्ष के बीच हुए विवाद की जानकारी जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों तक पहुंच गई है. हालांकि अभी तक किसी भी अधिकारी ने इस मामले पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है. इस घटना के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान से ज्यादा अधिकारियों के बीच हुई नोकझोंक चर्चा का विषय बनी हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अधिकारी ही आपस में तालमेल नहीं रखेंगे तो अभियान कैसे सफल होगा. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि काम के दबाव में ऐसी स्थिति बन जाती है, लेकिन अधिकारियों को संयम बरतना चाहिए.
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