महाराष्ट्र के नासिक शहर स्थित आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के ऑफिस में कई महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण से जुड़े मामले में आरोपी निदा खान को अदालत से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने उसकी अग्रिम ज़मानत याचिका अदालत ने शनिवार को खारिज कर दी. कई दिनों से फ़रारी काट रही निदा खान पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटकती दिखाई दे रही है. निदा पर पीड़िताओं पर जबरन धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनाने का गंभीर आरोप लगा है. मामले का खुलासा होने के बाद से ही वह फरार चल रही हैं. नासिक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के.जी. जोशी ने निदा खान की याचिका को खारिज कर दिया.
क्या है पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह पूरा मामला निदा खान के ही एक सहकर्मी की शिकायत पर आधारित है. निदा खान पर आरोप है कि उसने अपने सहकर्मी पर यौन उत्पीड़न और इस्लाम धर्म अपनाने के लिए अनुचित दबाव बनाया. शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने अपनी पेशेवर स्थिति का फायदा उठाते हुए पीड़ित को डराने और उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश की.
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. प्रारंभिक साक्ष्यों और पीड़ित के बयानों को देखते हुए, अदालत ने आरोपी को गिरफ्तारी से संरक्षण देने का कोई ठोस आधार नहीं पाया. अब जब सत्र न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी है, तो नासिक पुलिस के लिए निदा खान को हिरासत में लेने का रास्ता साफ हो गया है. माना जा रहा है कि बचाव पक्ष इस फैसले के खिलाफ अब बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है.
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