कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने CBSE के ओएसएम प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच बुधवार को स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी की मांग की जिससे कि मामले की सच्चाई उजागर हो. राहुल गांधी ने CBSE से पूछा कि संदिग्ध बैकग्राउंड वाली कंपनी को आपने ठेका कैसे दे दिया. कंपनी COEMPT का पुराना नाम ग्लोबारिना (Globarena) था और पहले थ कंपनी इसी नाम से जानी जाती थी। इस ग्लोबारिना ने तेलंगाना में दो बार घोटाला किया है।

वहीं सीबीएसई ने राहुल गांधी के दावों को ‘भ्रामक, गलत और तथ्यों पर आधारित नहीं’ बताते हुए खारिज कर दिया है।

CBSE के ओएसएम प्रणाली पर उठे विवाद में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी गठन की मांग के साथ-साथ संदिग्ध कंपनी COEMPT को ठेका देने के मामले में सवाल किया है. राहुल गांधी ने COEMPT का पुराना नाम ग्लोबारिना बताते हुए कहा कि जो कंपनी तेलंगाना में दो बार घोटाला 2019 और 2023 में कर चुकी है और जिसके गड़बड़ियों के कारण 23 युवाओं ने तेलंगाना में आत्महत्या कर ली थी. उस कंपनी को ठेका कैसे और किस आधार पर दिया गया.

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आगे CBSE से पूछा कि एक संदिग्ध बैकग्राउंड वाली कंपनी को आपने ठेका कैसे दे दिया. सांसद ने आगे कहा, कि यह सब जानकारी सार्वजनिक थी, फिर भी किस कारण से CBSE ने उसको ठेका के लिए चुना. हमको तो सिर्फ 30 सेकंड ही पता करने में लगा कि कंपनी पहले दूसरा नाम रखती थी.

उन्होंने आगे कहा कि CBSE और भारत सरकार के लोग कंपनी के बैकग्राउंड से अच्छी तरह वाकिफ थे. सीबीएसई के छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे उनका वीडियो शेयर कर प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछे, जो सवाल मैंने उठाया है.

वहीं, CBSE ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन, भ्रामक है, जिसका कि वास्तविकता से कुछ भी लेना देना नहीं है. CBSE ने आगे कहा कि सभी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए योग्ता रखनेवाले बोलीदाता को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया.

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