मुख्यमंत्री नायब सैनी के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी की गाड़ी रविवार रात नील गायों के झुंड से टकरा गई। इस हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि भंडारी और उनके साथी सुरक्षित हैं।

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी रविवार की रात एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए। यह दुर्घटना गांव मानक्या के पास उस समय हुई जब उनकी गाड़ी के सामने अचानक नील गायों का एक झुंड आ गया। गनीमत यह रही कि इस भयानक टक्कर के बावजूद तरुण भंडारी और उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मी व अन्य साथी बाल-बाल बच गए। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस को मौके पर बुलाया गया ताकि स्थिति को संभाला जा सके।

हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त

दुर्घटना का मंजर इतना खौफनाक था कि टक्कर लगते ही गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। चश्मदीदों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, जैसे ही नील गायों का झुंड गाड़ी के सामने आया, उनसे बचने की कोशिश के दौरान झुंड कार के अगले हिस्से से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी तुरंत बंद होकर वहीं रुक गई। बताया जा रहा है कि एयरबैग्स और सुरक्षा मानकों के कारण गाड़ी के भीतर मौजूद किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई, जिससे एक बड़ा अनिष्ट होने से टल गया।

चुनावी दौरे से वापसी के दौरान हुई घटना

तरुण भंडारी उस समय नगर निगम चुनाव के सिलसिले में अपने दौरे पर थे और कार्य निपटाकर वापस पंचकूला स्थित अपने आवास की ओर लौट रहे थे। रविवार देर रात हुए इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाया गया। फिलहाल तरुण भंडारी सुरक्षित हैं और अपने आवास पर पहुंच चुके हैं। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं और नील गायों के कारण होने वाले खतरों की ओर ध्यान खींचा है।

अतिरिक्त सतर्कता और सुरक्षा जांच

हादसे के बाद प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और लाइटों की स्थिति का भी जायजा लिया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। राजनीतिक गलियारों में इस घटना की जानकारी मिलते ही तरुण भंडारी का हालचाल जानने वालों का तांता लग गया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है। गनीमत यही रही कि समय रहते गाड़ी रुक गई और किसी भी जानमाल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ।