पटना। बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत राज्य के 19 जिलों में संचालित किए जा रहे 31 विजन सेंटरों पर ताला लगने जा रहा है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने इन केंद्रों को बंद करने और उनके स्थान परिवर्तन का आधिकारिक निर्णय लिया है। इन सेंटरों का संचालन पीपीपी (PPP) मोड पर राजस्थान की एजेंसी एम/एस एएसजी हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा था।
पटना बनेंगे नए ठिकाने, 5 सेंटर अन्य जिलों में
प्रशासनिक निर्णय के अनुसार, बंद होने वाले 31 केंद्रों में से 26 विजन सेंटरों को पटना स्थानांतरित किया जाएगा, जहां वे विभिन्न शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (UPHC) में अपनी सेवाएं देंगे। वहीं, शेष 5 केंद्रों को उनके मूल जिलों से हटाकर दूरदराज के अन्य जिलों जैसे नालंदा, समस्तीपुर, बक्सर, सहरसा और सुपौल में शिफ्ट किया जा रहा है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. ऋषि कपूर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, संचालन करने वाली एजेंसी ने दो मुख्य कारणों का हवाला देते हुए स्थान परिवर्तन का अनुरोध किया था:
- मरीजों की कमी: चिन्हित 31 केंद्रों पर आंखों के मरीजों की संख्या उम्मीद से काफी कम पाई गई।
- स्थान का अभाव: वर्तमान केंद्रों पर आवश्यक चिकित्सीय सुविधाओं के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं थी।
भोजपुर में स्थिति और विभागीय योजना
भोजपुर के सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि जिले के 14 प्रखंडों में से 4 (अगिआंव, गड़हनी, कोईलवर और बड़हरा) में निजी एजेंसी द्वारा सेंटर चलाए जा रहे थे, जबकि अन्य में विभागीय स्तर पर संचालन हो रहा है। अब अगिआंव का सेंटर बंद कर पटना शिफ्ट किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि विभाग इन खाली स्थानों पर नई बहाली प्रक्रिया के माध्यम से सेवाओं को फिर से बहाल कर सकता है।
प्रमुख स्थानांतरण विवरण
- औरंगाबाद, बांका और बेगूसराय: यहां के केंद्रों को पटना के आलमगंज, चांदपुर बेला और दीदारगंज जैसे क्षेत्रों में शिफ्ट किया गया है।
- मुंगेर और समस्तीपुर: संग्रामपुर (मुंगेर) का केंद्र अब पटना मुख्य सचिवालय में संचालित होगा, जबकि समस्तीपुर के चार केंद्र पटना के शास्त्रीनगर और लोहानीपुर जैसे इलाकों में सेवाएं देंगे।
- अन्य जिले: जमुई, कैमूर, खगड़िया, मधुबनी, नालंदा और नवादा के केंद्रों को भी पटना के विभिन्न वार्डों के स्वास्थ्य केंद्रों से संबद्ध किया गया है।
- विशेष बदलाव: पश्चिमी चंपारण (सिकटा) के केंद्र को सुपौल और वैशाली (जंदाहा) के केंद्र को सहरसा भेजा गया है।
इस बदलाव से ग्रामीण इलाकों में आंखों की जांच प्रभावित हो सकती है, लेकिन सरकार का मानना है कि इससे शहरी क्षेत्रों में संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
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