Rajasthan News: राजस्थान के डीग जिले में साइबर ठगों ने अब सीधे लोगों की सेहत और जेब पर डाका डालना शुरू कर दिया है। इसके जवाब में पुलिस भी अब एंटीवायरस बनकर इन ठगों का सिस्टम को हैंग करने में जुट गई है।

डीग एसपी शरण गोपीनाथ के. के नेतृत्व में पुलिस ने एक साथ कई इलाकों में छापेमारी कर 7 शातिर साइबर ठगों को धर दबोचा है। इस कार्रवाई में एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है। इलाके में चर्चा है कि ये ठग इतने शातिर हैं कि पलक झपकते ही लोगों की मेहनत की कमाई गायब कर देते थे।

दवाइयों की होम डिलीवरी का खतरनाक खेल

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ये गिरोह सोशल मीडिया पर दवाइयों की होम डिलीवरी के फर्जी विज्ञापन चलाता था। जब कोई बीमार या जरूरतमंद व्यक्ति दवा के लिए इनसे संपर्क करता, तो ये उन्हें झांसे में लेकर एक लिंक भेजते थे। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया या एडवांस पेमेंट के लिए क्यूआर कोड स्कैन किया, उनका पूरा बैंक खाता साफ हो जाता था।

मोबाइल फोन उगल रहे हैं राज

कामां थाना पुलिस और बृज नगर क्षेत्र में हुई इस छापेमारी में पुलिस के हाथ 5 एंड्रॉयड मोबाइल लगे हैं। जब पुलिस ने इन फोन्स को खंगाला, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। शुरुआती जांच में ठगी के सैकड़ों ट्रांजेक्शन और फर्जी चैट्स के सबूत मिले हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें अब इन मोबाइल्स के जरिए इस पूरे सिंडिकेट की कुंडली खंगाल रही है कि आखिर इनके तार और कहां-कहां जुड़े हैं।

फरार वांटेड भी चढ़े पुलिस के हत्थे

इस पूरे मामले में खास बात यह रही कि ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत पुलिस ने केवल नए ठगों को ही नहीं पकड़ा, बल्कि कामां पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 4 बड़े वांटेड अपराधियों को भी दबोच लिया है। एसपी शरण गोपीनाथ के ने साफ कर दिया है कि जिले में ठगों के लिए अब कोई जगह नहीं है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से कामां और आसपास के इलाकों के साइबर अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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