संजीव घनगस, सोनीपत। राई के बढ़खालसा स्मृति परिसर में पर्यावरण संरक्षण को नई ऊँचाई देने वाला “वृक्ष संरक्षण बैंक” खुलने जा रहा है — जहाँ पैसों की नहीं, पौधों की ‘जमा-निकासी’ होगी। विभिन्न प्रजातियों के पौधों का संग्रह, संरक्षण और निःशुल्क वितरण इस बैंक की आधारशिला होगी। किसान, सरपंच या सामाजिक संस्थाएँ कोई भी नाममात्र शुल्क पर पौधे ले सकेगा। पारदर्शी प्रणाली से संचालित यह अनोखी पहल पर्यावरण रक्षा के बिखरे प्रयासों को संगठित शक्ति और हरियाली अभियान को नई गति देगी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के 72वें जन्मदिवस को इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण दिवस के रूप में मनाया गया। बढ़खालसा सामाजिक संगठन के अध्यक्ष वीर सिंह ने “वृक्ष संरक्षण बैंक” की इस ऐतिहासिक घोषणा के साथ ही जनसमूह की तालियों की गर्जना से पूरा परिसर गूँज उठा। सभी अतिथियों ने मंत्री जी की आयु के प्रतीक रूप में 72 पौधे लगाए और उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

ट्री मैन ऑफ इंडिया की उपस्थिति — एक जीवंत संदेश
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देशभर में “ट्री मैन ऑफ इंडिया” की उपाधि से सम्मानित श्री देवेंद्र सूरा की उपस्थिति स्वयं में एक प्रेरणादायक संदेश थी। 3 लाख से अधिक पौधे लगाकर हरियाणा को हरा करने वाले श्री देवेंद्र सूरा का यहाँ होना इस बात का प्रमाण था कि यह आयोजन महज़ औपचारिकता नहीं — एक सच्ची पर्यावरण चेतना की सामूहिक अभिव्यक्ति है।
इस अवसर पर राई विधायक श्रीमती कृष्णा गहलावत, मुख्यमंत्री के विशेष कार्यकारीअधिकारी श्री वीरेंद्र सिंह बढ़खालसा एवं कार्यकारीअधिकारी डॉ. राज नेहरू की उपस्थिति ने आयोजन को और भव्य स्वरूप दिया तथा पर्यावरण जागरूकता को एक व्यापक सामाजिक मंच प्रदान किया।
सरपंचों का संकल्प, जनता का स्नेह
आसपास के गाँवों के सरपंचों, खाप प्रतिनिधियों और किसानों सहित लगभग पाँच-छह सौ लोगों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। सरपंचों ने इस अवसर पर पौधारोपण का दृढ़ संकल्प लेकर क्षेत्रीय हरियाली अभियान को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता जताई। किसानों की भारी भीड़ का उत्साह इस बात का प्रमाण था कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रति जनता का आदर और स्नेह अटल है — और पर्यावरण जागरूकता की लहर तेज़ी से फैल रही है।
कार्यक्रम का सबसे भावपूर्ण क्षण तब आया जब झज्जर जिले के गुबाना गाँव के युवा सरपंच मोंटी ने मंच से उठकर 200 पौधे लगाने की सार्वजनिक प्रतिज्ञा ली — और युवा पीढ़ी के लिए एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष संरक्षण बैंक उनके जैसे संकल्प धारियों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगा।
“जुग-जुग जियो मनोहर” — दिल को छू गया गीत
इस विशेष अवसर पर वीरेंद्र सिंह बढ़खालसा की भावपूर्ण रचना “जुग-जुग जियो मनोहर” को सुप्रसिद्ध गायक सुभाष फौजी की सुरीली आवाज में रिलीज़ किया गया। गीत की धुन के साथ ही पूरा परिसर भावनाओं से भर उठा। इसके बाद हरियाणवी सितारे बिंदर दनौदा और सुभाष फौजी की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समाँ बाँध दिया — लोग झूमे, उत्सव देर तक जीवंत रहा।

