हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन-2047 के तहत परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक कर प्रदेश के हर गांव और शहर को बस कनेक्टिविटी से जोड़ने का बड़ा मास्टर प्लान पेश किया है।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में निजी वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल को कम करने के लिए बड़ा विजन पेश किया है। उन्होंने कहा कि हर गांव और शहर को बस सेवा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता होगी ताकि अधिक लोग सरकारी परिवहन का उपयोग करें और पेट्रोल-डीजल की खपत कम हो।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा विजन-2047 के तहत परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश की बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से नया रूट प्लान तैयार किया जाए। इसके तहत अधिक से अधिक गांवों और शहरों तक बस सुविधा पहुंचाने पर जोर रहेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 6500 गांवों तक बस कनेक्टिविटी मजबूत करने की योजना बनाई जाए। गांवों का सर्कल बनाकर उन्हें बस नेटवर्क से जोड़ने और जरूरत पड़ने पर पुरानी नीतियों में बदलाव करने की बात भी कही गई। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में कोई भी गांव बस सेवा से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में लोकल बस सेवाओं को दोबारा मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों और औद्योगिक क्षेत्रों तक सिटी बस सेवा सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर न रहना पड़े।

औद्योगिक शहरों में कामगारों की सुविधा के लिए विशेष बसें चलाने और मेट्रो स्टेशनों व बस स्टैंड तक मिनी बस सेवा शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। खासतौर पर गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे क्षेत्रों में इस व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

बैठक में बसों की रियल टाइम ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया गया। रेलवे की तर्ज पर यात्री मोबाइल ऐप के जरिए बस की लाइव लोकेशन और उसके स्टॉप तक पहुंचने का समय देख सकेंगे। साथ ही बसों में CCTV और महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाने की योजना भी सामने आई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी और उनकी चार्जिंग के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। अगले एक साल में प्रदेश में 10 नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड बनाने की योजना भी रखी गई है।

उन्होंने कहा कि बस स्टैंडों पर चार्जिंग पॉइंट और रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे ताकि ऊर्जा उत्पादन बढ़े और इलेक्ट्रिक बस संचालन को मजबूती मिले। इसके अलावा PPP मोड पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में भी काम होगा।

हैप्पी कार्ड योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि करीब 20 लाख लोगों को कार्ड दिए जा चुके हैं, जबकि 20 लाख नए कार्ड जल्द वितरित किए जाएंगे। पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।

आईटी आधारित स्मार्ट ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और वाहन पासिंग प्रक्रिया को भी आधुनिक बनाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनुअल प्रक्रिया खत्म कर ऑटोमैटिक सिस्टम लागू किया जाए ताकि लोगों का समय बचे।

पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा में 26 व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर पहले से संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती जिलों में नए सेंटर बनाने की बात कही ताकि अन्य राज्यों के वाहन मालिक भी इसका लाभ उठा सकें।

प्रदूषण नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बिना PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों की पहचान के लिए पेट्रोल पंपों पर नंबर प्लेट रीडिंग कैमरे लगाए जाएं। ऐसे वाहनों को ईंधन न देने की व्यवस्था लागू की जाएगी।

परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि पहले चरण में NCR जिलों में 30 सितंबर तक यह काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे प्रदूषण नियंत्रण और नियमों की निगरानी आसान होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी साल प्रदेश स्तर पर यूनिफाइड कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जहां से सरकारी और निजी बसों की मॉनिटरिंग की जा सकेगी। साथ ही भविष्य की जरूरतों के अनुसार आधुनिक सुविधाओं वाले बस स्टैंड विकसित करने पर भी जोर दिया गया।