संजीव, सोनीपत। जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कार्यालय के बाहर कर्मचारियों के धरने का आज 5वां दिन है. कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. कर्मचारियों का कहना है कि सरकार और प्रशासन उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रहे हैं. इस कारण उन्हें मजबूरी में आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है.
ट्रांसफर के खेल से बढ़ा विवाद
कर्मचारियों का आरोप है कि वे पिछले 10 से 20 सालों से पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं. सरकार ने पक्की नौकरी और सुरक्षा देने के लिए कर्मचारियों का रिकॉर्ड मांगा था. लेकिन अधिकारियों ने रिकॉर्ड भेजने की जगह उन कर्मचारियों का ट्रांसफर कर दिया जो लंबे समय से काम देख रहे थे. 4 कंप्यूटर ऑपरेटरों की बदली कर दी गई ताकि उनकी फाइल तैयार न हो सके. इसके अलावा अधिकारियों ने दफ्तर आना भी बंद कर दिया है.
5 अगस्त से बंद हो सकती है पानी और सीवर सेवा
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर ट्रांसफर का फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज होगा. संघ के नेताओं ने साफ कर दिया है कि 5 अगस्त 2026 को पूरे शहर में पानी और सीवर की सेवाएं बंद कर दी जाएंगी. इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. इस दिन राज्य स्तर के बड़े नेता भी सोनीपत पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होंगे.
भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग
धरने पर बैठे नेताओं का कहना है कि दफ्तर में सालों से चल रही गड़बड़ियों और फर्जी काम की जांच होनी चाहिए. गलत तरीके से टेंडर बांटने और फर्जी कागजात बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं. कर्मचारियों ने मांग की है कि ट्रांसफर किए गए सभी साथियों को तुरंत वापस बुलाया जाए. आज के धरने में सुभाष रापड़िया, टीनू मदान, सतीश शर्मा और महावीर नागर समेत कई कर्मचारी शामिल हुए.
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