० मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 11 पंजीकृत गौशालाओं के लिए 70 लाख 24 हजार रुपये की चारा अनुदान राशि के चैक किए वितरित
० गांव नैन और गांव ढंढुर में बनाए जाने वाले गौ अभ्यारण्यों के लिए 8 करोड़ रुपये की राशि की जा चुकी जारी

नवोदित,कुरुक्षेत्र। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि प्रदेश को बेसहारा गौवंश से मुक्त करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए राज्य में व्यापक स्तर पर गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण और गौ-अभ्यारण्यों के विकास का कार्य किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री मंगलवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित श्री कृष्ण गौशाला सोसायटी में आयोजित गौशाला चारा अनुदान राशि वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 11 पंजीकृत गौशालाओं को कुल 70 लाख 24 हजार रुपये की चारा अनुदान राशि के चेक वितरित किए।


गौ-अभ्यारण्यों और गौशालाओं के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि पानीपत के गांव नैन और हिसार के गांव ढंढुर में दो गौ-अभ्यारण्य स्थापित किए गए हैं, जिनके लिए लगभग 8 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इन केंद्रों में शैड, चारा और पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में 51 गौशालाओं को शैड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये प्रति गौशाला अनुदान देने का प्रावधान किया गया है, जिनमें से 21 गौशालाओं को पहले ही सहायता दी जा चुकी है।


करोड़ों की सहायता और योजनाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस वर्ष प्रदेश की 619 पंजीकृत गौशालाओं के लिए 228 करोड़ 58 लाख रुपये की चारा अनुदान राशि जारी की जा चुकी है। पिछले 11 वर्षों में गौशालाओं को कुल 526 करोड़ 45 लाख रुपये की सहायता दी गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 697 पंजीकृत गौशालाओं में लगभग 4 लाख बेसहारा गौवंश का पालन किया जा रहा है, जबकि 2014 में यह संख्या काफी कम थी।


गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम
सरकार गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र, जैविक उत्पाद निर्माण, और पशु चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार कर रही है। 330 गौशालाओं में सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं और सभी गौशालाओं को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना है।
इसके अलावा गौशालाओं में गोबर और गौमूत्र से बने उत्पाद जैसे जैविक खाद, फिनाइल, दीये और अन्य सामग्री के निर्माण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।


सख्त कानून और नई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि गौ-वंश संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम-2015 के तहत गौ हत्या पर 10 वर्ष तक की सजा और गौ तस्करी पर 7 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
सरकार ने बेसहारा पशुओं को गौशालाओं तक पहुंचाने पर प्रोत्साहन राशि भी तय की है। साथ ही पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए मोबाइल यूनिट और नियमित डॉक्टरों की तैनाती की व्यवस्था की गई है।


मुख्यमंत्री का आह्वान
Nayab Singh Saini ने कहा कि गौशालाओं के संचालन में समाज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार संसाधन दे सकती है, लेकिन वास्तविक सेवा और समर्पण समाज के सहयोग से ही संभव है। उन्होंने पंचायतों और युवाओं से गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की अपील की।