गौरव जैन, जीपीएम। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पुरानी रंजिश के चलते दो भाइयों पर तलवार से जानलेवा हमला करने वाले पिता-पुत्र को अदालत ने 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश (ADJ) पेंड्रारोड ज्योति अग्रवाल की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें सलाखों के पीछे भेजने का आदेश दिया है। दोषियों की पहचान सेवा सिंह धुर्वे और उसके पुत्र गोविंद सिंह धुर्वे के रूप में हुई है।

यह है पूरा मामला

दरअसल, पूरा मामला 18 जून 2025 की रात गौरेला के टीकरकला का है। एक दशगात्र कार्यक्रम के दौरान पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी गोविंद सिंह धुर्वे ने सौरभ भट्ट और उसके भाई संदीप भट्ट के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर गोविंद अपने पिता सेवा सिंह को बुला लाया, जो अपने साथ एक धारदार तलवार लेकर आया था। दोनों ने मिलकर संदीप भट्ट पर हत्या की नीयत से हमला कर दिया। हमले में संदीप के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने आए सौरभ भट्ट के साथ भी मारपीट की गई।

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मामले में अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह की प्रभावी पैरवी और ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों को दोषी पाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समाज में हिंसा और अवैध हथियारों के प्रयोग के लिए कोई जगह नहीं है। आरोपियों पर धाराएं (BNS एवं आयुध अधिनियम) के तहत सजा सुनाई गई। गोविंद सिंह व सेवा सिंह को धारा 109, 3(5) के तहत 10 साल सश्रम कारावास और 1000 रुपये जुर्माना।

दोनों आरोपियों को धारा 118, 3(5) के तहत 6 माह सश्रम कारावास व 500 रुपये जुर्माना। सेवा सिंह (पिता) को आयुध अधिनियम (धारा 25, 27) के तहत 7 साल सश्रम कारावास और 1000 रुपये जुर्माना लगाया गया है।

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