मुलाना पुलिस ने नाकाबंदी कर एक ट्रक से अमानवीय तरीके से बांधे गए 38 पशुओं को मुक्त कराया। पुलिस ने इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।

राजेश वर्मा, अंबाला। जिले में राजमार्गों के माध्यम से मवेशियों के अवैध परिवहन और उनके प्रति बरती जा रही क्रूरता का एक गंभीर मामला सामने आया है। मंगलवार रात मुलाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नेशनल हाईवे-344 पर एक ट्रक को रोककर 38 छोटे-बड़े पशुओं (कटड़े और कटड़ियों) को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। प्रशासनिक सतर्कता और खुफिया तंत्र की सटीक सूचना के आधार पर उप-निरीक्षक सुरेन्द्र सिंह की टीम ने मुलाना क्षेत्र में गश्त के दौरान इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के दो निवासियों को हिरासत में लिया है, जो पशुओं को अमानवीय परिस्थितियों में ले जा रहे थे।

हेमामजारा कट पर नाकाबंदी और डरावना मंजर

पुलिस को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि कालपी की ओर से एक संदिग्ध ट्रक (नंबर HR58C-8294) आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने हेमामजारा कट पर रणनीतिक नाकाबंदी की और संदिग्ध वाहन को घेर लिया। जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली, तो वहां पशु अधिकारों के उल्लंघन की भयावह तस्वीर सामने आई। ट्रक के भीतर 38 मवेशियों को बेहद संकीर्ण स्थान में निर्दयता के साथ ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन के दौरान मवेशी हिल न सकें, इसके लिए उनके चारों पैर रस्सी से बांध दिए गए थे, जो ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ का स्पष्ट उल्लंघन है।

आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस की अगली कार्रवाई

पुलिस ने मौके से ट्रक चालक इरफान (निवासी शामली, उत्तर प्रदेश) और उसके सहयोगी नुरईलाही (निवासी सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया है। बरामद किए गए इन मवेशियों का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 2.50 लाख रुपये आंका गया है। मुलाना थाना पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस अवैध परिवहन के पीछे सक्रिय बड़े नेटवर्क और गिरोह का पता लगाने के लिए गहनता से जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।

पशु क्रूरता के विरुद्ध प्रशासनिक सतर्कता

अंबाला जिले में पुलिस की इस सक्रियता ने पशु तस्करों के बीच हड़कंप मचा दिया है। पुलिस विभाग का कहना है कि राजमार्गों पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग का अभियान निरंतर जारी रहेगा। बरामद किए गए सभी 38 पशुओं को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है और उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशु क्रूरता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पशु कल्याण के नियमों को कड़ाई से लागू किया जाएगा।