मुजफ्फरपुर। शहर का ललित नारायण तिरहुत (एलएनटी) कॉलेज मंगलवार को उस समय अखाड़ा बन गया, जब बीए पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान एक युवक अचानक एग्जाम हॉल में घुस गया। पूर्वी चंपारण के मधुआ गांव के निवासी रवि शंकर कुमार पर आरोप है कि उसने परीक्षा दे रही एक छात्रा का हाथ पकड़कर उसे जबरन बाहर खींचने की कोशिश की और शादी से इनकार करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन इस मामले में आरोपी और पीड़िता के बयानों ने केस को पेचीदा बना दिया है।

​छात्रा का आरोप: 3 साल से ब्लैकमेलिंग और पीछा

​पीड़िता के अनुसार, रवि शंकर पिछले तीन वर्षों से उसे परेशान कर रहा था। छात्रा का दावा है कि उसने रवि के प्रेम प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, जिसके बाद वह एकतरफा प्यार में पागल हो गया। छात्रा ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसका मोबाइल हैक कर निजी फोटो और वीडियो हासिल कर लिए थे। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर वह उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। इतना ही नहीं, पीड़िता की दो बार शादी तय हुई, लेकिन आरोपी ने ससुराल वालों को वे तस्वीरें दिखाकर दोनों बार रिश्ता तुड़वा दिया।

​आरोपी का पलटवार: ‘धोखा मिला, साजिश के तहत फंसाया’

​दूसरी ओर, कोर्ट परिसर में मीडिया से बात करते हुए आरोपी रवि शंकर ने खुद को बेगुनाह बताया। उसका दावा है कि उन दोनों के बीच पिछले तीन साल से प्रेम संबंध (अफेयर) था। रवि के मुताबिक, हाल ही में लड़की किसी और से बात करने लगी थी। जब उसने विरोध किया, तो लड़की ने उसे बातचीत के बहाने मुजफ्फरपुर स्थित एग्जाम सेंटर पर बुलाया। रवि का आरोप है कि वहां लड़की ने पहले अपने दोस्तों से उसकी पिटाई करवाई और फिर पुलिस बुलाकर झूठे छेड़खानी के केस में उसे फंसा दिया।

​पुलिस की कार्रवाई और डिजिटल जांच

​घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। काजी मोहम्मदपुर थाना पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी रवि शंकर की बालूघाट में फोटोकॉपी की दुकान है। जांच के क्रम में पुलिस ने आरोपी का मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है ताकि ब्लैकमेलिंग और डेटा हैकिंग के दावों की सच्चाई का पता लगाया जा सके।

​न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी

​एसडीपीओ टाउन-1 सुरेश कुमार ने पुष्टि की कि आरोपी को गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या यह वाकई एकतरफा प्रताड़ना का मामला है या इसके पीछे प्रेम प्रसंग की कोई और कहानी छिपी है।