वैशाली। जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पति अपनी पत्नी और ससुराल वालों के जुल्मों से इस कदर टूट चुका है कि वह बीच सड़क पर प्रदर्शन करने को मजबूर है। हाजीपुर के व्यस्त राजेंद्र चौक पर हाथ में पोस्टर लिए बैठे इस शख्स का दर्द देख हर कोई दंग है। वह न केवल खुद के लिए मौत मांग रहा है, बल्कि अन्य पुरुषों को भी शादी न करने की सलाह दे रहा है।

एक साल बाद शुरू हुआ दुखों का सिलसिला

​पीड़ित की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के पताही निवासी शैलेश कुमार के रूप में हुई है। शैलेश ने बताया कि साल 2018 में उसकी शादी हाजीपुर के पोखरा मोहल्ले की पिंकी के साथ बड़े अरमानों से हुई थी। शुरुआती एक साल तो सब कुछ ठीक रहा, लेकिन उसके बाद जीवन नर्क बन गया। शैलेश का आरोप है कि उसकी पत्नी को उसके आर्थिक हालात और पक्के मकान की कमी से दिक्कत होने लगी, जिसके बाद प्रताड़ना का दौर शुरू हुआ।

​धोखे और मारपीट के गंभीर आरोप

​शैलेश ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि ससुराल पक्ष ने धोखे से यह शादी करवाई थी। आरोप है कि पिंकी की पहले भी एक शादी हो चुकी थी, जिसे छिपाकर शैलेश से उसका निकाह कराया गया। इतना ही नहीं, शैलेश का दावा है कि उसकी पत्नी अब तक चार बार घर से भाग चुकी है। विवाद बढ़ने पर मामला 2023 में फैमिली कोर्ट भी पहुंचा, लेकिन वहां भी भाइयों के हस्तक्षेप और झूठे समझौतों के कारण उसे न्याय नहीं मिला। शैलेश का आरोप है कि उसकी पत्नी ने अपने भाइयों और स्थानीय लड़कों के साथ मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई भी करवाई और उसे उसके व्यवसाय से बेदखल कर दिया।

​पुरुषों के लिए न्याय की गुहार

​हाजीपुर के बाजार में बोर्ड लेकर बैठे शैलेश ने समाज और कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। उसका कहना है कि देश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कानून और आयोग हैं, लेकिन जब एक पुरुष अपनी पत्नी से प्रताड़ित होता है, तो उसकी सुनने वाला कोई नहीं। फिलहाल, शैलेश की यह अनोखी और दर्दनाक अपील सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जो वैवाहिक कानूनों के संतुलन पर एक नई बहस छेड़ती है।