भोपाल। मध्यप्रदेश के तीर्थयात्रियों के लिए 7 मई का दिन यादगार हो गया। सैकड़ों तीर्थयात्री बाबा सोमनाथ के दर्शन के लिए रवाना हुए। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने देश की प्रमुख 21 नदियों के जल कलशों का भी पूजन अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने लोगों के मन में उत्साह भरा और बाबा सोमनाथ को नमन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंधु जिनके चरण पखारता है, मस्तक पर जिनके चंद्र देव बिराजे हैं, अक्षय स्वाभिमान के ज्योतिर्लिंग, भगवान सोमनाथ के चरणों में कोटि-कोटि वंदन। सोमनाथ का संबंध देश के स्वाभिमान के साथ है। द्वारकाधीश भगवान श्री कृष्ण ने जब अधर्म के खिलाफ लड़ाई लड़ी, तब पूरा समय चक्र ही बदल गया। हम सभी जानते हैं कि एक हजार साल पहले भारत को काली छाया का ग्रहण लग गया था। उस समय बाबा सोमनाथ ने इस ग्रहण को नष्ट किया था। सोमनाथ हमारे विकास का पर्याय भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत से विकास की यात्रा प्रारंभ हुई।
गंगोत्री से गंगा सागर तक बिखर रहा आनंद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल, पुल, पुलिया, सड़क, नगर, कारखाने के साथ-साथ सनातन संस्कृति को भी लेकर चल रही है। इस सनातन संस्कृति पर हमें गर्व है। प्रधानमंत्री मोदी के मन में भी सनातन धर्म के साथ सबको लेकर चलने की भावना है। यह भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। हमें अयोध्या और मथुरा में जो आनंद आता है, वही आनंद पश्चिम बंगाल के काली घाट पर आता है। आज भगवान की दया से गंगोत्री से गंगा सागर तक आनंद बिखर रहा है। लोकतंत्र की नई बयार पूरे देश को उत्साह-उमंग से भर रही है।
हमले के बाद भी लहराती रही सनातन संस्कृति की ध्वजा
सीएम डॉ. यादव ने लोगों से कहा कि इस यात्रा के जरिये आपको बाबा सोमनाथ के दर्शन का लाभ मिलेगा। मेरी ओर से सभी यात्रियों को बधाई। वहीं, पास में चार पीठों में से एक द्वारका पीठ भी है। यहां भगवान कृष्ण ने लीलाएं कर हमारे हृदय में छवि बनाई। सोमनाथ मंदिर पर दुश्मनों ने 17 बार आक्रमण किए थे। लेकिन, हमारी सनातन संस्कृति की ध्वजा लहराती रही। एक हजार साल बाद सोमनाथ का शिखर आसमान से बात कर रहा है। दुश्मन लाख चाहे तो क्या होता है, वही होता है जो बाबा सोमनाथ चाहें। उन्होंने तीर्थयात्रियों से कहा कि आप बाबा सोमनाथ से आशीर्वाद लेना कि दुनिया में चारों ओर खुशहाली हो। यह सांस्कृतिक जानगरण राष्ट्रीय एकता को और सुदृढ़ करे। उन्होंने कहा कि जीवन भी एक यात्रा है। जीवन की इस यात्रा में हम आते हैं और शरीर छोड़ते हैं। लेकिन, इस बीच परमात्मा ने हमें जो मौका दिया है, इस मौके का उपयोग हम परोपकार में करें।
देवलोक बनने से बदल जाती है अर्थव्यवस्था
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने धार्मिक स्थानों पर हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू की है। हमारी सरकार कई देवलोक बनवा रही है। महाकाल लोक बनने के बाद आर्थिक रूप से पूरा इको-सिस्टम बदल गया। साल 2022 से पहले उज्जैन में एक वर्ष में 25-30 हजार लोग आते थे, आज रोज डेढ़ लाख लोग दर्शन करने उज्जैन आ रहे हैं। इस तरह पूरा माहौल बदल रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के देवलोक बनने के बाद होटल वालों, ठेले वालों, ऑटो वालों, दुकान वालों के जीवन में बदलाव आता है। भारतवासी जब एक-दूसरे के क्षेत्र में जाते हैं, तो एक-दूसरे को अपनी-अपनी संस्कृति से परिचित कराते हैं। इससे आंतरिक एकता का निर्माण होता है। यही एकता एकात्मवाद में परिवर्तित होती है। मेरी अपनी ओर से सभी तीर्थयात्रियों को बधाई।

