देश की राजधानी दिल्ली के विकास कार्यों को जल्द बड़ी आर्थिक मजबूती मिल सकती है। दिल्ली सरकार को चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार से करीब 7,000 करोड़ रुपये का फंड मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस वित्तीय सहायता का उपयोग राजधानी में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार और पर्यावरण से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने के लिए किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस फंड से सड़क, जल निकासी, स्वच्छता, परिवहन और हरित विकास जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
इसके अलावा यमुना सफाई, प्रदूषण नियंत्रण और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं को भी इस सहायता से लाभ मिलने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच विभिन्न विकास योजनाओं को लेकर लगातार समन्वय बनाया जा रहा है, ताकि परियोजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से किया जा सके। केंद्र सरकार से मिलने वाले संभावित 7,000 करोड़ रुपये के फंड का बड़ा हिस्सा राजधानी दिल्ली की सड़क परियोजनाओं पर खर्च किए जाने की तैयारी है। इस राशि से शहर में चल रहे बुनियादी ढांचा विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कई सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं फंड की कमी के कारण लंबे समय से प्रभावित थीं। केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता के बाद इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके तहत सड़क निर्माण, मरम्मत, चौड़ीकरण, ट्रैफिक प्रबंधन और कनेक्टिविटी सुधार से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा सकती है। सरकार का मानना है कि इससे राजधानी में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी।
फंड कहां-कहां खर्च होगा?
संभावित फंड का इस्तेमाल विशेष रूप से सड़क, बुनियादी ढांचा विकास और यमुना सफाई परियोजनाओं पर किया जाएगा। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग (PWD) और दिल्ली जल बोर्ड की विभिन्न परियोजनाओं के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को मंजूरी हेतु भेजा गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली को विभिन्न मदों के तहत बड़ी वित्तीय सहायता मिलने का अनुमान है। इसमें केंद्रीय सड़क निधि से लगभग 591 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। वहीं, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत यमुना और जल शोधन परियोजनाओं के लिए करीब 1,500 करोड़ रुपये दिए जा सकते हैं। इसके अलावा राजधानी में आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र से लगभग 100 करोड़ रुपये की सहायता मिलने की उम्मीद है। वहीं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए दिल्ली को अलग से 3,931.16 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया गया है।
‘7,000 करोड़ रुपये के पार जाने की उम्मीद’
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार से दिल्ली को मिलने वाली कुल वित्तीय सहायता 7,000 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने की संभावना है। यह राशि संशोधित अनुमानों की तुलना में करीब 34 प्रतिशत ज्यादा मानी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र से अपेक्षित स्तर पर आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी थी। संशोधित आंकड़ों के अनुसार, बजट में जितनी सहायता का अनुमान लगाया गया था, वास्तविक मदद उससे लगभग 56 प्रतिशत कम रही। विशेष रूप से बड़े विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से करीब 6,000 करोड़ रुपये मिलने का प्रावधान था, लेकिन नए आंकड़ों के अनुसार अब तक इस मद में कोई राशि जारी नहीं हो पाई है।
दिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में राजधानी दिल्ली को केंद्रीय सड़क कोष से करीब 1,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद थी। बाद में इस अनुमान को संशोधित कर 212.43 करोड़ रुपये कर दिया गया, लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक इस मद में कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है। इसी तरह केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के लिए दिल्ली को 2025-26 में कुल 4,127.82 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान था। बाद में संशोधित अनुमान के तहत इसे घटाकर 2,207.84 करोड़ रुपये कर दिया गया। हालांकि, अंततः दिल्ली सरकार को केवल करीब 1,202 करोड़ रुपये ही प्राप्त हो सके। यह राशि संशोधित अनुमान से भी लगभग 54.47 प्रतिशत कम रही। अधिकारियों का मानना है कि अपेक्षित फंड नहीं मिलने के कारण कई विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की रफ्तार प्रभावित हुई।
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