विकास कुमार/सहरसा। जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन मुस्कान अपने नाम को चरितार्थ कर रहा है। खोए हुए या चोरी हुए मोबाइल फोन को बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुंचाने की इस मुहिम ने जिले के सैकड़ों परिवारों के चेहरे पर खोई हुई मुस्कान वापस लौटा दी है। इस अभियान के तहत अब तक कुल 425 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी सामूहिक कीमत ₹71 लाख 84 हजार से अधिक आंकी गई है।

​फेज-8 में 73 लोगों को मिले उनके फोन

​शनिवार को पुलिस केंद्र सहरसा के परिसर में एक भव्य और विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर कोशी प्रक्षेत्र के डीआईजी और सहरसा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने संयुक्त रूप से फेज-8 के तहत बरामद किए गए 73 मोबाइल फोन उनके असली स्वामियों को सुपुर्द किए। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹15 लाख 43 हजार बताई जा रही है। अपना खोया हुआ कीमती फोन वापस पाकर कई लोग भावुक नजर आए और उन्होंने सहरसा पुलिस की कार्यशैली की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

​तकनीकी टीम की सक्रियता और सफलता

​इस सफलता के पीछे सहरसा पुलिस की तकनीकी शाखा की कड़ी मेहनत और आधुनिक तकनीक का बड़ा हाथ है। पुलिस की विशेष टीम लगातार मोबाइल ट्रैकिंग और आईएमईआई (IMEI) नंबरों की निगरानी कर रही है। डीआईजी ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि यह अभियान केवल मोबाइल रिकवरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच विश्वास के सेतु को मजबूत करना है। पुलिस टीम की इस सक्रियता के कारण ही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लग रहा है और अपराधियों में भय का माहौल बना हुआ है।

​आम जन के लिए महत्वपूर्ण अपील

​सहरसा पुलिस ने इस अवसर पर आम जनता से एक विशेष अपील भी की है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल गुम या चोरी हो जाता है, तो वे घबराने के बजाय तत्काल CEIR पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इस पोर्टल पर दर्ज सूचना के आधार पर पुलिस के लिए मोबाइल को ब्लॉक करना और उसे ट्रैक करना काफी आसान हो जाता है। पुलिस का कहना है कि सतर्कता और त्वरित सूचना ही इस अभियान को और अधिक सफल बना सकती है।