अजय शास्त्री/ बेगूसराय। जिले अंतर्गत छौड़ाही थाना क्षेत्र के नारायणपीपड़ पंचायत में एक घटना सामने आई है। यहां दसवीं कक्षा की एक 15 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान नारायणपीपड़ वार्ड संख्या 11 निवासी लाल साहनी की पुत्री चांदनी कुमारी के रूप में हुई है। चांदनी ने इसी वर्ष मैट्रिक की परीक्षा ससम्मान उत्तीर्ण की थी, लेकिन सफलता की इस खुशी के बीच उसकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

​कमरे में फंदे से लटका मिला शव

​स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा का शव उसके घर के अंदर फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना की खबर जंगल में आग की तरह फैली और देखते ही देखते ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। प्रथम दृष्टया इस मामले को फांसी लगाकर आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मौत के पीछे के असल कारणों को लेकर स्थिति अब भी रहस्यमयी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि चांदनी पढ़ाई में काफी होनहार थी, ऐसे में उसके द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम से हर कोई हैरान है।

​परिजनों का पोस्टमार्टम से इनकार, पुलिस को दिया आवेदन

​घटना की सूचना मिलते ही छौड़ाही थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और परिजनों से पूछताछ की। हालांकि, इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ मना कर दिया। परिजनों ने पुलिस को एक लिखित आवेदन देकर बताया कि छात्रा मानसिक रूप से विक्षिप्त (अस्वस्थ) थी, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने परिजनों की इच्छा और लिखित आवेदन के आधार पर शव उन्हें सौंप दिया, लेकिन बिना पोस्टमार्टम के मौत की गुत्थी सुलझना अब मुश्किल लग रहा है।

​डेढ़ वर्ष बाद गांव में फिर दोहराई गई घटना

​नारायणपीपड़ पंचायत के लोगों के लिए यह कोई पहली घटना नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व भी गांव में इसी तरह की एक संदिग्ध मौत का मामला सामने आया था। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने स्थानीय लोगों को चिंता में डाल दिया है। गांव में दबी जुबान में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन न तो परिजन और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधि इस मामले पर खुलकर कुछ बोलने को तैयार हैं। मुखिया और पंचायत समिति सदस्यों ने भी इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।

​मानसिक तनाव या सामाजिक दबाव?

​इस घटना ने किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। ग्रामीणों का मानना है कि पढ़ाई का दबाव, मानसिक तनाव या पारिवारिक परिस्थितियां अक्सर बच्चों को ऐसे गंभीर कदम उठाने पर मजबूर कर देती हैं। फिलहाल, पुलिस परिजनों के आवेदन के आधार पर मामले की जांच कर रही है, लेकिन पोस्टमार्टम न होने के कारण यह रहस्य बना रहेगा कि चांदनी की मौत का वास्तविक कारण क्या था। इस घटना के बाद से लाल साहनी के घर में मातम पसरा है और पूरे गांव में सन्नाटा है।