Weather update: ​बिहार में इन दिनों प्री-मानसून की सक्रियता ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने राज्य के उत्तर बिहार सहित कई हिस्सों में भारी उथल-पुथल की चेतावनी जारी की है। रविवार को राज्य के 19 जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि 9 जिलों की स्थिति को देखते हुए वहां ‘रेड अलर्ट’ घोषित किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार में 14 मई तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा, जिसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।

​इन जिलों में रेड अलर्ट और भारी तबाही की आशंका

​मौसम विभाग ने बांका, जमुई, जहानाबाद, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, नवादा, शेखपुरा और गया के कुछ प्रखंडों के लिए रेड वार्निंग जारी की है। इन इलाकों में अगले कुछ घंटों के भीतर तीव्र मेघगर्जन, वज्रपात (बिजली गिरना) और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो जान-माल के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।

​पटना में तापमान गिरा, जू दो दिनों के लिए बंद

​लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही से राजधानी पटना के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पटना का अधिकतम तापमान 32.6°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 4°C कम है। हालांकि, शुक्रवार को आई भीषण आंधी के कारण पटना जू (संजय गांधी जैविक उद्यान) को भारी नुकसान पहुंचा है। परिसर में दर्जनों बड़े पेड़ गिरने के कारण इसे रविवार और सोमवार (दो दिन) के लिए आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है।
​जू निदेशक हेमंत पाटिल के अनुसार, 200 से अधिक कर्मचारी, हाइड्रा और जेसीबी मशीनों की मदद से गिरे हुए पेड़ों को हटाने में जुटे हैं। गनीमत यह रही कि इस आपदा में सभी वन्यजीव सुरक्षित हैं, हालांकि कुछ बाड़ों की बाउंड्री और डालियों को नुकसान पहुंचा है।

​पिछले 24 घंटों का हाल

​पिछले एक दिन में नालंदा और शेखपुरा में भीषण ओलावृष्टि दर्ज की गई है। पटना में 24 घंटे के भीतर 109.2mm बारिश रिकॉर्ड की गई। राज्य के अन्य हिस्सों जैसे औरंगाबाद में भी मध्यम वर्षा हुई, जबकि बक्सर और जमुई जैसे कुछ इलाकों में धूप खिली रही। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 13 मई तक राज्य में अस्थिरता बनी रहेगी, इसलिए लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।