कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार प्रदेश को फिल्म, संस्कृति और रचनात्मक उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में पहली बार ‘हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026’ का आयोजन 12 से 15 नवंबर तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसकी घोषणा अपने बजट भाषण में की थी, जिसके बाद अब तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

मंगलवार को सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग ने फेस्टिवल की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, दादा लखमी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (डीएलसी सुपवा), रोहतक के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। आयोजन की रूपरेखा तैयार करने, कार्यक्रमों के चयन, विभिन्न संस्थाओं और एजेंसियों के साथ समन्वय, प्रचार-प्रसार तथा अन्य व्यवस्थाओं के लिए एक कोर कमेटी का भी गठन किया गया।

सरकार का लक्ष्य हरियाणा फिल्म फेस्टिवल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन बनाना है। इसके माध्यम से हरियाणवी सिनेमा, लोक संस्कृति, कला, साहित्य और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। फेस्टिवल में देश-विदेश के फिल्मकारों, निर्देशकों, अभिनेताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और सांस्कृतिक संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने की योजना है।

अधिकारियों के अनुसार, यह आयोजन प्रदेश के कलाकारों, फिल्मकारों और युवा प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का बड़ा मंच देगा। साथ ही हरियाणा में फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।