Bihar News: बिहार सरकार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हजारों भूमिहीन परिवारों को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि 15 अगस्त 2026 को विशेष अभियान चलाकर 30 हजार पात्र भूमिहीन परिवारों को वासभूमि के बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र सौंपे जाएंगे। इसके लिए सभी जिलों को तैयारियां पूरी करने का निर्देश जारी कर दिया गया है।
‘अभियान बसेरा-02’ के तहत दी जाएगी जमीन
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी पात्र गरीब परिवार रहने के लिए जमीन के अधिकार से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ ‘अभियान बसेरा-02’ चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 71,569 परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अब इस अभियान के अगले चरण में 30 हजार नए लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा।
31 जुलाई तक सभी प्रमाण-पत्र तैयार करने का निर्देश
इस अभियान की तैयारी तेज करने के लिए विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि पात्र परिवारों की सूची का दोबारा सत्यापन कर उसे अंतिम रूप दिया जाए। जिन भूमिहीन परिवारों का अब तक पंजीकरण नहीं हुआ है, उनका नाम अभियान बसेरा पोर्टल पर दर्ज कराया जाए। साथ ही 31 जुलाई तक सभी बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र तैयार कर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
15 अगस्त को सौंपे जाएंगे प्रमाण-पत्र
सरकार इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करेगी। प्रमाण-पत्रों की तैयारी से लेकर वितरण तक का काम अभियान बसेरा पोर्टल के जरिए होगा, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। 15 अगस्त को जिला मुख्यालयों और विशेष शिविरों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान लाभार्थियों को उनके प्रमाण-पत्र सौंपे जाएंगे।
सभी 38 जिलों को लक्ष्य पहले से तय
राज्य सरकार ने इस अभियान के लिए सभी 38 जिलों का लक्ष्य भी तय कर दिया है। सबसे अधिक लाभार्थियों का लक्ष्य पटना (1709) को दिया गया है। इसके अलावा पूर्वी चंपारण (1493), मुजफ्फरपुर (1405), मधुबनी (1314), गया (1285), समस्तीपुर (1247), सारण (1157) और दरभंगा (1153) जिलों में भी बड़ी संख्या में प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे।
मुख्यालय से हर सप्ताह रखी जाएगी नजर
राजस्व मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि अभियान की प्रगति पर मुख्यालय स्तर से हर सप्ताह नजर रखी जाएगी। जिलाधिकारियों को नियमित समीक्षा करने और समय-समय पर विभाग को प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि वासभूमि का अधिकार मिलने से हजारों गरीब परिवारों को स्थायी आवास का आधार मिलेगा और उनके जीवन में सामाजिक सुरक्षा के साथ सम्मान भी बढ़ेगा।
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