Rajasthan Local Body Election 2026: राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के महापौर, सभापति और चेयरमैन पदों के आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को सुबह 10:30 बजे जयपुर स्थित स्वायत्त शासन निदेशालय के सभागार में निकाली जाएगी। इसी दिन पंचायती राज संस्थाओं के 41 जिला प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी भी प्रस्तावित है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद चुनाव लड़ने वाले दावेदार अपनी रणनीति तय कर सकेंगे।

309 नगरीय निकायों के प्रमुख पदों का आरक्षण तय होगा
13 अगस्त को होने वाली लॉटरी के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका में महापौर, सभापति या चेयरमैन का पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा। सरकार ने लॉटरी की सूचना प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दलों को भी भेज दी है।
हालांकि, निकाय प्रमुखों के आरक्षण की तारीख तय होने के बावजूद प्रदेश के 10 हजार 245 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
बीकानेर, अलवर समेत 5 जिलों ने मांगा 15 अगस्त के बाद समय
बीकानेर, अलवर, जयपुर, उदयपुर और झुंझुनूं के कलेक्टरों ने सरकार को पत्र भेजकर वार्ड आरक्षण की लॉटरी 15 अगस्त के बाद कराने का आग्रह किया है। कलेक्टरों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों और अन्य सरकारी आयोजनों के कारण प्रशासनिक अमला व्यस्त रहेगा। सरकार इस प्रस्ताव पर मंथन कर रही है। हालांकि वार्ड आरक्षण की नई तारीख को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
फलोदी और सलूंबर में एक चरण में चुनाव की तैयारी
राजस्थान के 41 जिलों में होने वाले निकाय चुनाव में फलोदी और सलूंबर ऐसे जिले होंगे, जहां जिले के सभी नगरीय निकायों के चुनाव एक ही चरण में कराने की तैयारी है। बाकी 39 जिलों में चुनाव दो चरणों में कराने की योजना है।
वार्ड आरक्षण में देरी होने पर इसका असर आगे की चुनावी प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही संभावित प्रत्याशी अपनी सीट और राजनीतिक दलों से टिकट को लेकर रणनीति तय कर सकेंगे।
22 अगस्त को जारी हो सकती है चुनाव अधिसूचना
मौजूदा चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, 22 अगस्त को नगरीय निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी किए जाने की तैयारी है। 27 अगस्त तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 29 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 31 अगस्त तक नाम वापसी का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
निकाय चुनाव दो चरणों में कराने की तैयारी है। पहले चरण में 140 नगर निकायों के 5,050 वार्डों में मतदान कराया जाएगा। दूसरे चरण में 169 नगर निकायों के 5,195 वार्डों में वोटिंग होगी। मतदान 6 और 9 सितंबर को कराने की तैयारी है। मतगणना 11 सितंबर को प्रस्तावित है।
कई नेताओं की राजनीतिक रणनीति बदलेगी
निकाय चुनाव के लिए करीब 18 हजार मतदान केंद्र बनाए जाने प्रस्तावित हैं। नगर निकाय सदस्यों के चुनाव में ईवीएम से मतदान कराया जाएगा।
निकाय प्रमुखों की आरक्षण लॉटरी सिर्फ पदों का आरक्षण तय नहीं करेगी, बल्कि कई दावेदारों की राजनीतिक रणनीति भी बदल सकती है। जिस निकाय का प्रमुख पद जिस वर्ग के लिए आरक्षित होगा, राजनीतिक दल उसी के हिसाब से टिकट के लिए नए चेहरों की तलाश करेंगे।
इसके बाद सभी की नजर वार्ड आरक्षण की लॉटरी पर रहेगी। वार्डों का आरक्षण तय होते ही संभावित पार्षद प्रत्याशियों की दावेदारी और स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी तेजी से बदलने की संभावना है।
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